कठुआ। बरसात के मौसम में सब्जियों के भाव आसमान छूने लगे हैं, जो अब आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि आम लोग सब्जी खरीदने से पहले 10 बार सोचने के लिए मजबूर हैं। जिन सब्जियों के भाव 50 से कम हुआ करते थे, इस बार उनके भाव 100 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। इसकी वजह से अब लोगों की थाली से सब्जी गायब हो रही है। सबसे अधिक परेशानी निम्न वर्ग को हो रही है। टमाटर, बींस, शिमला मिर्च, मटर आदि तो मध्यम वर्ग के लोगों की पहुंच से भी बाहर होते जा रहे हैं।
बाजार में गोभी, शिमला मिर्च और बींस जहां 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच रहे हैं। वहीं, हरी मटर 160 रुपये प्रति किलो पहुंच कर ग्राहक को चिढ़ा रही है। वहीं टमाटर के दाम 100 तक पहुंच गए हैं। इसके अलावा तुरई, अरबी, गोबी, लोकी, करेला आदि के दाम भी 60 रुपए प्रति किलो से ऊपर ही हैं।
सब्जी विक्रेता राहुल गुप्ता ने बताया कि बरसात के इस सीजन में हर साल दाम में वृद्धि होती है, लेकिन इस बार सब्जियां आम लोगों की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं। मंडी में ही इनके दाम में तेजी चल रही है। ज्यादातर सब्जियों के दाम 20 दिनों के भीतर दोगुने हुए हैं। जैसे टमाटर आज से 15 दिन पहले 30 के आसपास था अब 100 रुपये प्रति किलो के पास पहुंच रहा है। इसी तरह मटर 90 के आसपास था जो 160 रुपए पहुंच गया है। दाम बढ़ने से सब्जी बिक्री में काफी हद तक कमी हुई है और जो खरीद रहे हैं वह भी खरीदने से पहले सोच जरूर रहे हैं।
बाजार में सब्जी खरीदने पहुंची सीमा गुप्ता ने कहा, सब्जी की बढ़ी कीमतों से घर की रसोई पर असर पड़ा है। पिछले कुछ दिनों से कौन सी सब्जी बनाई जाए जो बजट के अनुकूल हो और बच्चों को पसंद आए। जिसे वह अपने टिफिन में स्कूल लेकर जा पाएं। इसी की चिंता सताती रहती है, क्योंकि टिफिन में अक्सर बच्चे सब्जी ले जाना ही पसंद करते हैं।
सब्जी के थोक कारोबारियों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में कुछ सब्जियों के भाव तेजी से बढ़े हैं। पहाड़ी इलाकों से आने वाली मटर और बींस की कीमत आसमान छू रही है। गोभी भी 80 से 100 प्रति किलो से ऊपर चल रही है। ऐसे में सब्जी मंडी से जिस दाम पर सब्जी मिलेगी, सब्जी विक्रेता की उससे अधिक दाम पर बेचना मजबूरी है।