खेत में धान की रोपाई करते किसान।
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कठुआ। जिले में धान की रोपाई का काम शुरू हो गया है। निचले इलाकों में इन दिनों रोपाई के काम में किसान पूरी मुस्तैदी से लगे हुए हैं, लेकिन हर साल की तरह इस बार भी बिजली की कटौती किसानों के लिए बड़ी समस्या बन रही है। वहीं, शहर से सटे चंगे दा बाग, भागथली, चन्नग्रां, खोल्याल, जखबड़ और नगरी से सटे इलाके में भी किसानों ने धान की रोपाई के लिए खेतों को तैयार करने का काम शुरू कर दिया है।
जिले के सबसे ज्यादा धान उत्पादन करने वाले इलाके में किसान कहीं रोपाई तो कही धान के खेतों की जुताई से लेकर उन्हें पानी से भरने के काम में लगे हैं। लेकिन धान की रोपाई करने वाले किसानों के साथ रोपाई के लिए खेत को तैयार करने में जुटे किसानों के सामने इन दिनों होने वाली बिजली की अघोषित कटौती बड़ी समस्या बनकर सामने आ रही है।
किसान राकेश कुमार का कहना है कि पंप सेट के लिए बिजली के कनेक्शन का किराया तो उन्हें साल भर देना पड़ता है, लेकिन जब पंपसेट की जरूरत होती है तो बिजली का न होना किसानों को निराश करता है। उन्होंने बताया कि इस समस्या से बचने के लिए किसान अलग-अलग सिंचाई करने के बजाय एक साथ चार-चार पंपसेटों से खेत को पानी से भर रहे हैं ताकि जल्द धान लगाने का काम पूरा किया जा सके।
कोट
बिजली की कटौती से रोपाई का काम प्रभावित होता है। अगर किसानों की ऐसी समस्या है तो इस बारे में बिजली विभाग के अधिकारियों से बात की जाएगी। ताकि किसानों की समस्या का समाधान किया जा सके।
-जितेंद्र कुमार खजूरिया, मुख्य कृषि अधिकारी कठुआ