कठुआ। शहर के जेल रोड स्थित नगर परिषद की ओल्ड सब्जी मार्केट प्रशासन की अनदेखी की वजह से वीरान पड़ी है। हालात यह है कि करीब 60 दुकानों वाली इस मार्केट में चंद दुकानें ही खुल पा रही हैं। वहां भी ग्राहकों की आमद न के बराबर होने से दुकानदार परेशान हैं। दुकानदारों ने मार्केट में शहर की रेहड़ी फड़ियों को स्थानांतरित करने या साप्ताहिक बाजार के रूप में विकसित करने की मांग की है।
दरअसल करीब सात वर्ष पूर्व मार्केट में लगने वाली थोक सब्जी मंडी इस मार्केट से स्थानांतरित कर दी गई। उसके बाद यहां मंडी के दुकानदारों को अलाट ज्यादातर दुकानें या तो बंद हो गईं या तो उन्हें किसी अन्य को किराए पर दे दिया गया, लेकिन ग्राहक न होने से ये दुकानें चंद महीनों के बाद ही बंद हो गईं। इससे नई दुकानें खोलने वाले दुकानदारों को नुकसान हुआ।
शहर के सबसे ज्यादा व्यस्त रहने वाले मुखर्जी चौक और मुख्य बाजार से मात्र 5 सौ मीटर की दूरी पर करीब 30 कनाल भूमि में यह मार्केट फैली हुई है। मार्केट में आवागमन की बेहतर सुविधा के साथ सुलभ शौचालय और पार्किंग के लिए पर्याप्त स्थान भी उपलब्ध है। इसके बावजूद वहां कारोबार न के बराबर ही दिखाई देता है। दुकानदारों ने यहां सफाई की व्यवस्था और विकास कराने की मांग की है। यहां बारिश के दिनों में पानी भी हफ्ता-हफ्ता खड़ा रहता है। इससे व्यापार प्रभावित होता है।
-
शहर के जेल रोड से सटी इस मार्केट में विकास कार्यों के प्रति प्रशासनिक रुचि आज तक नहीं देखने को मिली है। इसके चलते जो विकास जरूरी था, वह आज तक नहीं हुआ है। अगर प्रशासन इसे साप्ताहिक रूप से लगने वाले बाजार में ही बदल दे तो यहां फुट फाल बढ़ेगा और उसका फायदा मार्केट को जरूर होगा, लेकिन इससे पहले मार्केट को बेहतर बनाने के लिए भी कदम उठाना होगा।
- देवेंद्र शर्मा, दुकानदार
थोक सब्जी मंडी बरमोरा में स्थानांतरित होने के बाद जेल रोड के सामने नगर परिषद की मार्केट एक ऐसा खाली स्थान था, जो पूरे शहर की समस्याओं का समाधान करने के साथ-साथ हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार भी दे सकता था, लेकिन प्रशासन मार्केट का सही से विकास नहीं करवा पाया।
-संजीव कुमार दुकानदार
-
इस मार्केट के प्रति नगर परिषद गंभीर नही है। आज भी यहां विकास की जरूरत है, लेकिन यहां न तो विकास है और न ही नियमित सफाई की व्यवस्था। ऐसे में जितनी भी दुकानें हैं उनमें से ज्यादातर गोदाम की तरह इस्तेमाल होती हैं। अगर प्रशासन चाहे तो शहर की समस्या बनने वाली रेहड़ियों को यहां स्थानांतरित कर व्यवस्था को बेहतर बना सकता है।
-राकेश शर्मा, दुकानदार
-
शहर में लगने वाली रेहड़ी-फड़ी को इस मार्केट में शिफ्ट करने के कई बार प्रयास किए गए, लेकिन शहर के मुख्य बाजार के दुकानदारों के विरोध के कारण ऐसा नही हो सका है। मौजूदा समय में भी अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करके इन्हें वहां भेजने का प्रयास किया जा रहा है। अगर वहां एक बाजार विकसित हो जाता है तो नगर परिषद उसके विकास के लिए भी योजना तैयार कर सकता है।
-अमित शर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद कठुआ।