हीरानगर। विश्व ओरल हेल्थ मंथ की शुरुआत वीरवार को उप जिला अस्पताल से की गई।
अस्पताल में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बीएमओ स्वामी शरण विशेष तौर पर मौजूद रहे। इस मौके पर डेंटल सर्जन शशि बाला ने इस कार्यक्रम के बारे में स्वास्थ्य कर्मियों को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा, ओरल हेल्थ मंथ का उद्देश्य लोगों को मुंह के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और ओरल हाइजीन की महत्ता को समझता है।
हर वर्ष 20 मार्च को विश्व ओरल हेल्थ डे के साथ शुरू होने वाला यह महीना दांतों, मसूड़े और समग्र स्वास्थ के लिए सही देखभाल पर जोर देता है। उन्होंने कहा, इस साल की थीम हैप्पी माउथ इज ए हैप्पी माइंड है, जो मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के बीच गहरे संबंध को रेखांकित करती है।
उन्होंने कहा, ओरल हेल्थ न केवल दांतों की सड़न और मसूड़े की बीमारियों का कारण बनती है बल्कि हृदय रोग, डायबिटीज और अन्य गंभीर समस्याओं को भी जन्म दे सकती है। इसलिए इसकी समय पर जांच ही शारीरिक स्वास्थ्य को बिगड़ने से बचा सकती है। बीएमओ ने कहा, भारत में हाल के आंकड़ों के अनुसार लगभग 60 से 65 प्रतिशत लोग दांतों की सड़न से पीड़ित हैं, जबकि 50 प्रतिशत से अधिक व्यस्कों में मसूड़े की बीमारी देखी गई है। बच्चों में भी यह समस्या बढ़ रही है जिसका मुख्य कारण और गलत खानपान और ब्रश करने में लापरवाही है।