यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधाएं देने के उद्देश्य से बना यह टर्मिनल अब शोपीस बनकर रह गया
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। करोड़ों की लागत से बना अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) डेढ़ साल से अधिक समय से बेकार पड़ा है। यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधाएं देने के उद्देश्य से बना यह टर्मिनल अब शोपीस बनकर रह गया है। बसों की आवाजाही न होने के कारण यात्रियों को अभी भी खुले आसमान के नीचे बसों का इंतजार करना पड़ रहा है।
बस स्टैंड जब बनकर चालू हुआ तो शुरुआती एक-दो सप्ताह तक बसों की आवाजाही हुई। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मुहैया होने की उम्मीद जगी थी। हालांकि, जल्द ही बसों का यहां आना बंद हो गया। पिछले साल मई में जेके एसआरटीसी की बसों के रुकने की घोषणा भी बेअसर साबित हुई। वर्तमान में यात्रियों को दूसरे राज्यों के लिए बसें पकड़ने के लिए कालीबाड़ी या लखनपुर जाना पड़ता है। हाईवे किनारे घंटों इंतजार करना उनकी मजबूरी बन गया है। आईएसबीटी के सक्रिय होने से यहां बनी दो दर्जन से अधिक दुकानों के दुकानदारों को कारोबार बढ़ने की उम्मीद थी। बसें और यात्री न पहुंचने के कारण कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं।
यात्रियों की परेशानी बरकरार
एक ओर आईएसबीटी खाली पड़ा है, वहीं दूसरी ओर यात्री कालीबाड़ी और लखनपुर जाने को मजबूर हैं। कालीबाड़ी चौक पर वाहनों की भारी आवाजाही के कारण यात्रियों को खड़े होने की जगह नहीं मिलती। उन्हें खुले आसमान के नीचे घंटों बसों का इंतजार करना पड़ता है। कई बार बस रुकते ही यात्री हाईवे पर उसके पीछे भागते हैं, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है।
आईएसबीटी परिसर की बदहाली
बसों की आवाजाही न होने से आईएसबीटी परिसर की हालत चिंताजनक है। यह परिसर अब ट्रकों की पार्किंग के रूप में इस्तेमाल हो रहा है। आवारा मवेशी भी यहां घूमते देखे जा सकते हैं। यात्रियों के लिए बने वेटिंग हॉल में इतनी गंदगी है कि उसकी सफाई कई महीनों से नहीं हुई है।