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Kathua News: जीएमसी मुठभेड़ के आरोपी को जिला जेल में स्थानांतरित करने की याचिका खारिज

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- मुठभेड़ में पुलिस का पीएसआई हुआ था बलिदान, आरोपी की मां ने दायर की थी अर्जी
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश ने मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) कठुआ में हुई मुठभेड़ के एक आरोपी को अंबफला जेल जम्मू से जिला जेल कठुआ में स्थानांतरित करने के लिए दायर अर्जी को खारिज कर दिया है।
आदेश में कहा गया है कि आवेदक द्वारा दी गई दलीलों से यह साबित नहीं हो पाया है कि अगर आरोपी को जिला जेल कठुआ में स्थानांतरित नहीं किया जाता है तो आरोपी को क्या नुकसान होगा। लिहाजा इस याचिका को खारिज किया जाता है। ये मुठभेड़ दो अप्रैल 2024 की आधी रात का जीएमसी कठुआ में हुई थी। इसमें जम्मू-कश्मीर का एक पीएसआई बलिदान हो गया था और एक हिस्ट्रीशीटर मारा गया था। पुलिस स्टेशन कठुआ में मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान कई लोगों को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया गया। इसमें आवेदक का बेटा भी शामिल था। उसे संदेह के आधार पर क्राइम ब्रांच जम्मू ने हिरासत में लिया था। आरोपी 22 वर्षीय रोहित कुमार पुत्र बोध राज निवासी आरएस पुरा जम्मू को अंबफला जेल में बंद है।
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आवेदक रंजनी देवी जो आरोपी की मां है, ने 11 अक्तूबर को न्यायालय में अर्जी दाखिल की थी। इसमें कहा गया कि पुलिस उसके बेटे को गैर कानूनी तौर पर हिरासत में रखा गया है। जुलाई 2024 में उसे पता चला कि उसका बेटा गुरु नानक देव मेडिकल कॉलेज अमृतसर में गोली लगने के कारण इलाज करवा रहा है। डॉक्टरों ने उसे इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया था लेकिन उसे वहां कभी शिफ्ट ही नहीं किया गया।
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आरोपी रोहित कुमार के खिलाफ पुलिस थाना रामगढ़ में पहले से ही एक मामला दर्ज है। वह दर्ज मामला 93/2023 के तहत यू/एस 302,138,149,212,120-बी आईपीसी और 3/4/25 आर्म्स एक्ट में शामिल था और वांछित था। पांच नवंबर को जिला अतिरिक्त न्यायाधीश प्रवीण पंडोह ने अभियोजन पक्ष की ओर से दायर याचिका को खारिज करते हुए कहा कि आरोपी की मां मौजूदा समय में पति के साथ मंडी गोबिंदगढ़ पंजाब में रह रही है। ऐसे में न तो आरोपी की मां कठुआ में रहती है। और न ही अभियोजन पक्ष यह सिद्ध कर पाया कि अगर आरोपी को जिला जेल कठुआ में स्थानांतरित नहीं किया जाता है तो उसे क्या नुकसान होगा। लिहाजा याचिका को खारिज किया जाता है।
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