हीरानगर पहुंचने पर पुलिस अधिकारियों से मिलते डीजीपी। - संवाद।
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हीरानगर। सर्दियों में घुसपैठ के प्रयासों में तेजी आ सकती है। इसे पुलिस और ग्रामीण सुरक्षा समिति के सदस्य सतर्कता से नाकाम कर सकते हैं। डीजीपी नलिन प्रभात ने शनिवार को हीरानगर में बैठक के दौरान ग्रामीण सुरक्षा समिति के सदस्यों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों से बेहतर तालमेल बनाएं और हर संदिग्ध पर पैनी नजर रखें।
जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात ने हीरानगर में जिला पुलिस अधिकारियों और ग्रामीण सुरक्षा समिति के सदस्यों के साथ हुई बैठक में जिले में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) से लेकर कंडी और पहाड़ी इलाके के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। करीब दो घंटे तक चली बैठक में जिला भर में सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की।
इस दौरान डीजीपी ने ग्राम सुरक्षा समिति के सदस्यों से सीधा संवाद किया और सुरक्षा को और कड़ा करने के साथ-साथ उनके सामने आने वाली समस्याओं को जाना।
बैठक के बाद डीआईजी शिवकुमार ने पत्रकारों से बातचीत में बैठक की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बैठक बेहद अहम रही और इस बैठक में ग्रामीण सुरक्षा समिति के सदस्यों ने क्षेत्र की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। डीजीपी ने उन्हें ग्रामीण क्षेत्र में अपना नेटवर्क और मजबूत करने के निर्देश दिए और कहा कि क्षेत्र में हर संदिग्ध गतिविधि पर वह विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा आने वाले दिनों में सर्दी के चलते धुंध में पड़ोसी मुल्क की ओर से घुसपैठ के प्रयास और तेज किए जा सकते हैं जिसे नाकाम करने में पुलिस की सतर्कता अहम भूमिका निभा सकती है। इसी के साथ डीजीपी ने सीमावर्ती इलाका हरिया चक का दौरा किया और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया।