पर्वतीय इलाकों में मौसम का मिजाज हाड़ कंपाने लगा है। ज्यादातर पर्वतीय इलाकों में पारा शून्य से नीचे चला जा रहा है जिससे ओस की बूंदें जमने लगी हैं।
पर्वतीय इलाकों में सर्दी ने शिद्दत से परेशान करना शुरू कर दिया है तो निचले मैदानी इलाकों में शीतलहर का असर हावी हो गया है। लगातार दूसरे दिन धूप पूरी तरह से नहीं खिल पाई। नतीजतन मौसम में ठंडक का अहसास बढ़ गया।
सुदूरवर्ती बनी तहसील के अलावा लोआंग, चांदल, पनियालग, आसो, द्रबल, संदरून, भंडार, डंडी गुट्टू और रोलका इलाकों में सर्दी चरम पर है।
चारों तरफ पहाड़ होने की वजह से सूरज कुछ घंटों के लिए ही धूप दे पा रहा है। जबकि शेष समय में कड़ाके की ठंड से जीवन हलकान हो रहा है।
शाम ढलते ही लोगों को घरों में दुबकना पड़ रहा है जबकि सुबह होने पर ओस की बूंदें बर्फ की तरह जमी हुई नजर आ रही हैं। यही हाल पर्वतीय इलाकों के कस्बाई क्षेत्रों का है। इधर कठुआ शहर व सटे मैदानी इलाकों में तापमान दिन ब दिन गिर रहा है।
बीते दिन की तरह दिन का अधिकतम तापमान हालांकि 23 डिग्री सेल्सियस ही रिकॉर्ड किया गया लेकिन न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की कमी दर्ज की गई।
न्यूनतम तापमान 12 डिग्री रहा। मौसम में आर्र्दता का स्तर 48 फीसदी रिकॉर्ड किया गया। स्कॉस्ट जम्मू की कठुआ एग्रोमेट यूनिट के अनुसार अगले चौबीस घंटों के भीतर मौसम साफ रहने की संभावना है।
ऐसे में दिन के समय तो धूप खिली रहने की संभावना है लेकिन रात के समय तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है। यानी सर्दी की चुभन अब दिन ब दिन बढ़ने के ही आसार हैं।