उधमपुर। केंद्रीय मंत्री डाॅ. जितेंद्र सिंह ने जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर क्षतिग्रस्त हुए पुल का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पुलों के क्षतिग्रस्त होने पर आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति तो बहुत हो रही है और पुल बनाने वालों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है जबकि असल में इसके पीछे अवैध खनन बड़ा कारण है।
पुलों के क्षतिग्रस्त होने के मामले पर राजनीति करने वाले पहले मंथन कर लें कि उन्होंने कहीं कोई गैरकानूनी माइनिंग तो नहीं की। अगर हम नेता, एमपी एमएलए सब यह संकल्प कर लें कि गैर कानूनी माइनिंग हम नहीं होने देंगे और न स्वयं करेंगे तो इसकी पूरी संभावना है कि बहुत ज्यादा नुकसान होने से बच जाएगा। अफसोसजनक है कि कठुआ व कीडियां गढ़याल में जो पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं उन्हें बनाने वाली कंपनियां भी यही शिकायत कर रहीं हैं कि हमने पुल तो बड़े शौक से बनाए थे लेकिन आप ही के लोग रात में खनन करते हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद चल रहे बहाल कार्य पर उन्होंने उम्मीद जताई कि शुक्रवार देर शाम तक आवश्यक वाहनों की आवाजाही बहाल हो जाएगी। जिला प्रशासन और हाईवे अथॉरिटी के लोग इसके लिए दिन रात युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल वैकल्पिक रास्ता बहाल करने पर ध्यान दिया गया है और आगे लांग रन पर यहां एक ब्रिज बनाया जाएगा। यह एक संवेदनशील स्थान है इसलिए यहां एक वैकल्पिक रोड बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की सतर्कता की वजह से यहां बड़ा हादसा होने से टल गया है क्योंकि भारी बारिश का रेड कार्नर नोटिस जारी होने के तत्काल बाद जिला प्रशासन से जखैनी से आगे वाहनों की आवाजाही रोक दी थी।
उन्होंने कहा कि भारी के कारण बिजली, पानी, सड़क और मोबाइल नेटवर्क को लेकर जो संकट खड़ा हुआ है वे धीरे-धीरे सामान्य किया जा रहा है। बिजली के मामले में ज्यादा जल्दबाजी हादसे का कारण भी बन सकती है इसलिए इसे धीरे-धीरे और सावधानी के साथ रिस्टोर किया जा रहा है।इससे पहले डाॅ. जितेंद्र सिंह ने डीसी कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हाॅल में क्षति आकलन बैठक की अध्यक्षता की और अधिकारियों व जन प्रतिनिधियों से नुकसान का जायजा लेकर राहत व बहाली कार्यों के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को जरूरी दिशानिर्देश दिए।