कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने की मियाद बीतने के एक महीने बाद भी मांगेें पूरी नहीं होने पर सोमवार को पीएचई कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया।
वहां मौजूद कर्मचारियों ने सरकार लंबे समय से कर्मचारियों के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर अब सरकार ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो वे पानी की सप्लाई बंद कर देंगे।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे बलदेव सिंह ने कहा कि सरकार ने उनकी मांगों को 3 सितंबर को पूरा करने का वादा किया था लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद भी सरकार ने मांगों पर कोई विचार तक नहीं किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शुरू से ही पीएचई कर्मचारियों के साथ भेदभाव की नीति का प्रयोग कर रही है। जब भी सरकार को मांगेें पूरी करने के लिए कहा जाता है तो सरकार अन्य विभागों के साथ उन्हें जोड़ देती है।
बाद में अन्य विभागों की मांगों पूरी हो जाती है लेकिन उनकी मांग अब तक लंबित पड़ी हुई है। इस मौके पर सुभाष वर्मा ने कहा कि सरकार ने इससे पूर्व भी कई बार उनकी मांग को संयुक्त यूनियन और उनके कहने पर मानने का वादा किया लेकिन हर बार नतीजा एक ही होता है।
उन्होंने कहा कि जिले के कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां पर तेंदुओं और अन्य जंगली जानवरों के बीच रहकर उन्हें काम करना पड़ता है लेकिन सरकार ने कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए भी कोई प्रावधान नहीं बनाया है।
ऐेसे में सरकार को चेतावनी दी है कि जल्द ही मांगें पूरी की जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो अगली बार प्रदर्शन की जगह पानी सप्लाई बंद कर दी जाएगी और हड़ताल पर चले जाएंगे। इस मौके पर गोपाल दास, चुनी लाल, जोगिंदर शर्मा, प्रीतम सिंह, राम गोपाल आदि भी उपस्थित रहे।