ढाई करोड़ से शुरू होने जा रहा आवासीय क्वार्टरों का निर्माण, दूरदराज के लोगों को होगा लाभ
कठुआ। उप जिला अस्पताल बनी में स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में अहम कदम उठाया जा रहा है। सरकार ने ढाई करोड़ रुपये की लागत से डॉक्टरों और पैरामेडिक स्टाफ के लिए आवासीय सुविधा का निर्माण प्रस्तावित
किया है।
इससे दूर-दराज क्षेत्रों में तैनात चिकित्सा कर्मियों को सुविधा मिलने के साथ अस्पताल परिसर के पास उपलब्धता से आपात स्थिति में त्वरित सेवाएं देना संभव हो सकेगा।
फिलहाल बनी उप-जिला अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी है। खासतौर पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से इलाके के लाखों लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल अब ज्यादातर मामलों में रेफरल संस्थान की भूमिका निभा रहा है।
ढग्गर, धमान, भंडार और डंडी गुट्टू से मरीजों को पैदल सफर और फिर सड़क के जरिए दो से तीन घंटे की यात्रा कर यहां पहुंचना पड़ता है। मगर विशेषज्ञों की गैर-उपलब्धता के कारण उन्हें कठुआ या अन्य बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
डॉक्टरों की कमी के पीछे का प्रमुख कारण अस्पतालों की सीमित सुविधाएं और दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत होने के प्रति असमर्थता है। निजी प्रैक्टिस की संभावनाओं की कमी और आवासीय सुविधाओं के अभाव के कारण कई चिकित्सक इन क्षेत्रों में नियुक्ति से हिचकिचाते हैं। विभाग की इस पहल से स्थानीय निवासियों को बेहतर इलाज के लिए जीएमसी कठुआ या अन्य दूरस्थ केंद्रों की ओर नहीं जाना पड़ेगा।
स्थानीय निवासी संजीव कुमार, नरेश सिंह और ज्योति शर्मा ने बताया कि यह कदम यदि समयबद्ध रूप से लागू किया गया तो स्वास्थ्य व्यवस्था में गुणात्मक सुधार आएगा। साथ ही डॉक्टरों की मौजूदगी से समय पर इलाज मिल सकेगा जिससे मौतों और गंभीर बीमारियों की दर में भी
कमी आएगी।
कोट
बनी के उपजिला अस्पताल में पैरामेडिकल और डॉक्टरों के लिए आवासीय सुविधा को लेकर योजना पर काम शुरू किया गया है। लगभग ढ़ाई करोड़ की लागत से यह काम होगा।
-राजेश कुमार, कार्यकारी अभियंता लोक निर्माण विभाग, बसोहली