बाख्ता में आयोजित हिंदू सम्मेलन में पहुंचे लोगजागरूक पाठक
जिले के कंडी क्षेत्र स्थित बाख्ता में हिंदू सम्मेलन का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले के कंडी क्षेत्र स्थित बाख्ता में हिंदू सम्मेलन का आयोजन दन्नी बाख्ता मंडल हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। संत समाज से महंत राजेश गिरी और महंत मोहन गिरी विशेष रूप से उपस्थित रहे, जबकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक अनुराग मुख्य वक्ता रहे।
मंगलवार को भारत माता पूजन से आरंभ हुए सम्मेलन में महंत राजेश गिरी ने कहा कि हिंदू समाज को अपने लिए जागना ही पड़ेगा क्योंकि आज चारों ओर से हिंदू पर ही आक्रमण हो रहा है। वहीं महंत मोहन गिरी ने कहा कि हिंदू बचेगा तभी हमारा धर्म और भारत बचेगा। वहीं, मुख्य वक्ता अनुराग ने कहा कि प्रभु श्रीराम के रामराज्य में जातिवाद का कोई स्थान नहीं था। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि प्रभु राम ने सबरी का जूठा बैर स्वीकार किया और निषादराज को गले लगाया। अगर सनातन है तो ही भारत है। हिंदू भाव जीवित रहेगा तभी मठ-मंदिर सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने गुरु परंपरा का स्मरण करते हुए कहा कि जब-जब हिंदू धर्म पर संकट आया, हमारे गुरुओं ने दीवार बनकर समाज की रक्षा की। उन्होंने गुरु तेग बहादुर जी और साहिबजादों के बलिदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके त्याग ने सनातन धर्म को बचाया। अनुराग ने लोगों से आह्वान किया कि वे अपनी संस्कृति को थामें और पश्चिमी संस्कृति से बाहर निकलें। उन्होंने कहा कि यह देश भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण, शिवाजी, महाराणा प्रताप और श्री गुरु गोबिंद का है, न कि अकबर, बाबर और औरंगजेब का। आने वाली पीढ़ियों को एक सुंदर भारत देना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पिछले 100 वर्षों से व्यक्ति निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की साधना कर रहा है। संगठन में ही शक्ति है और शक्तिशाली समाज ही सम्पन्न बन सकता है।
कार्यक्रम में पंच परिवर्तन की अवधारणा पर चर्चा हुई जिसमें परिवार प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, स्व का बोध और नागरिक कर्तव्य की भावना को समाज में जागृत करने पर बल दिया गया। संघ पिछले 25 वर्षों से पंच परिवर्तन के माध्यम से समाज का जनजागरण कर रहा है। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक भोज का आयोजन किया गया जिसमें सभी ने जातिगत भेदभाव को छोड़कर साथ भोजन ग्रहण किया और एकता का संदेश दिया।