कोर्ट ने जांच अधिकारी को सीडी फाइल सहित पेश होने का दिया निर्देश
कठुआ। जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय ने बिलावर के मक्खनदीन की हिरासत में यातना के बाद खुदकुशी मामले की सीबीआई जांच याचिका पर वीरवार को सुनवाई की गई।
जिसमें न्यायाधीश वसीम सादिक नरगाल ने मामले में जांच अधिकारी (थाना प्रभारी बिलावर) को सीडी फाइल सहित व्यक्तिगत रूप से आगामी 25 अप्रैल को पेश होने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने जांच अधिकारी को निर्देश दिया है कि वह आगामी पेशी पर कोर्ट को अबतक मामले में की गई कार्रवाई से अवगत करवाया जाए।
बता दें कि मक्खनदीन के पिता मोहम्मद मुरीद और उसकी विधवा जूना दोनों निवासी भटोडी बिलावर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी को स्थानांतरित करने की मांग की गई है। ताकि मामले की जांच निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से हो सके। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता अप्पू सिंह सलाथिया ने अदालत में याचिकाकर्ताओं की ओर से विस्तार से दलीलें दी गई।
उन्होंने तर्क दिया कि 26 वर्षीय मक्खन दीन का वीडियो 5 फरवरी 2025 को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिसमें मक्खनदीन ने स्पष्ट रूप से कहा था कि बिलावर थाना में हिरासत के दौरान उसे रात भर प्रताड़ित किया गया। पुलिस ने उस पर दबाव बनाया कि इलाके में सक्रिय आतंकवादियों के साथ अपने संबंधों को कबूल करने के लिए मजबूर हो सके। अधिवक्ता ने कहा कि मृतक मक्खनदीन ने कुरान को सिर पर रखकर कसम खाई थी कि वह निर्दोष है और उसका आतंकवादियों के साथ कोई संबंध नहीं है।
इसके बाद मक्खनदीन ने जहरीला पदार्थ निगल कर जीवन लीला समाप्त कर ली थी। अधिवक्ता ने कोर्ट ने बताया कि मक्खनदीन की मौत के बाद जब बिलावर पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया तो उन्होंने इसकी याचिका कठुआ स्थित उप-न्यायाधीश में दायर की थी।
इसके बाद उप-न्यायाधीश के आदेश के बाद ही 9 मार्च 2025 को बिलावर थाने में मक्खनदीन मामले में एफआईआर संख्या 0032/2025 दर्ज की गई थी। संवाद