जिले में कोरोना का ग्राफ अब पीक पर पहुंच गया है। पिछले एक सप्ताह से रोजाना जहां 250 के लगभग मामले रिपोर्ट हो रहे हैं। वहीं कोरोना ने अब ग्रामीण इलाकों को भी गिरफ्त में ले लिया है। जांच में संक्रमित पाए जा रहे लोगों के अतिरिक्त भी जिले के कई ग्रामीण इलाकों में संदिग्ध बुखार, जुकाम, खांसी के लक्षणों के साथ लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
ग्रामीण इलाकों में जहां लोग बुखार से तपने लगे हैं, वहीं शहरी इलाकों में स्थिति यह हो गई है कि लगभग हर मोहल्ले से अब संक्रमित सामने आ रहे हैं। प्रशासन की ओर से अबतक डेढ़ दर्जन के लगभग क्षेत्रों को माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाया जा चुका है। ग्रामीण इलाकों में प्रशासन की ओर से गठित 650 से अधिक टीमें डोर टू डोर सर्वे में जुटी हुई हैं।
जो लोग संदिग्ध लक्षणों के बाद भी जांच नहीं करवा रहे हैं, उनका पता लगाया जा रहा है। प्रशासन के निर्देश के बाद वैक्सीनेशन प्रक्रिया को अब कैंप लगाकर भी अंजाम दिया जा रहा है। लेकिन मामले बढ़ने के साथ ही वैक्सीनेशन की प्रक्रिया के लोग भी अब ज्यादा उमड़ रहे हैं। कई वैक्सीनेशन सेंटरों पर लगातार भीड़ भी देखी जा रही है। ऐसे में मांग की गई है कि वैक्सीनेशन की प्रक्रिया को भी डोर टू डोर अंजाम दिया जाए।