जिले में ऑक्सीजन की किल्लत से राजकीय मेडिकल कॉलेज को निजात मिलने जा रही है। यह न सिर्फ कोरोना महामारी बल्कि रूटीन में जीएमसी में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए भी वरदान होगा। पिछले कई महीने से युद्धस्तर पर चल रहा कठुआ के जीएमसी में आक्सीजन उत्पादन प्लांट का काम पूरा कर लिया गया है। मंगलवार को इसका ट्रायल लिया जाएगा।
आक्सीजन उत्पादन प्लांट से जीएमसी कठुआ की निजी आक्सीजन प्लांट से रिफिलिंग को लेकर निर्भरता भी लगभग शून्य हो जाएगी और रविवार की तरह हालात न बनें, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी रहेगी। सोमवार को जीएमसी कठुआ में कोरोना संक्रमितों के अलावा रूटीन में इलाज के लिए पहुंचे 100 मरीज ऑक्सीजन स्पोर्ट पर हैं। ऐसे में निजी आक्सीजन प्लांट से हो रही रिफिलिंग और इसके बाद मैनिफोल्ड से सप्लाई को अब बदल लिया जाएगा।
मेकेनिकल विंग के कार्यकारी अभियंता सुनील गंडोत्रा ने बताया कि आक्सीजन उत्पादन प्लांट का काम लगभग पूरा कर लिया गया है और मंगलवार को इसका ट्रायल लिया जाएगा। आक्सीजन उत्पादन प्लांट में 750 एमएलपी के तीन यूनिट स्थापित किए जा रहे हैं। जिले के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान में आक्सीजन की उपलब्धता जिले के विभिन्न संस्थानों से रेफर होकर आने वाले मरीजों के लिए भी जीवनदायी है।
तत्काल सक्रिय करने के दिए गए हैं निर्देश
रविवार को कठुआ जीएमसी सहित निजी अस्पताल में आक्सीजन सप्लाई कर रहे रिफिलिंग प्लांट में आई तकनीकी दिक्कत के बाद उत्पन्न स्थिति को देखते हुए जीएमसी के आक्सीजन उत्पादन प्लांट को तत्काल सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं। जीएमसी कठुआ आक्सीजन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनकर जिले के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाएगा।
- डॉ. जितेंद्र सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री