कठुआ। कोरोना महामारी से लड़ने के लिए यूं तो कई संगठन, सामाजिक संस्थाएं जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे आई हैं, लेकिन जिले में यू कठुआ जेकेपी के नाम से गठित एक कंट्रोल रूम और उसकी 350 स्वयंसेवियों की टीम पूरे प्रदेश में अनूठी मिसाल कायम कर रही है। टीम में विभिन्न धर्मों, संगठनों, राजनीतिक, गैर राजनीतिक संगठनों के लोग शामिल हैं, जो न तो अपना नाम जाहिर करते हैं और न ही सोशल मीडिया पर वाहवाही लूटने के लिए अपनी तस्वीरें शेयर करते हैं। तीन कैटेगरी में विभाजित टीम साढ़े दस हजार से अधिक लोगों को दो वक्त का भरपेट खाना उपलब्ध करवा रही है। इसके लिए 15 लंगर सक्रिय हैं, वहीं दर्जनों वाहन ऐसे हैं जो लोगों ने इस सेवा में निस्वार्थ यू कठुआ को उपलब्ध करवा दिए हैं। 24 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जिला कठुआ में पहल की।
मदद के लिए आगे आ रहे विभिन्न संगठनों को एक प्लेटफार्म पर लाने के लिए एसएसपी डॉ. शैलेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में काम शुरू हुआ। इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम के साथ-साथ जिले में एक और कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया, जिसे यू कठुआ जेकेपी का वॉर रूम नाम दिया गया है। इस वॉर रूम में फिलहाल 14 वॉलंटियर, दो शिफ्ट में निस्वार्थ सेवाएं दे रहे हैं। एसएसपी कार्यालय में स्थापित इस रूम में कॉल रिसीविंग के लिए जहां अलग टीम है, वहीं एक समन्वय टीम बिठाई गई है। इनमें महिला कांस्टेबल भी हैं, जो महिलाओं की कॉल रिसीव करने के लिए नियुक्त की गई हैं। ग्राउंड रिपोर्ट के लिए वॉर रूम से लेकर डिलीवरी और लंगर व्यवस्था का अमर उजाला की टीम ने जायजा लिया। वॉर रूम का कांटैक्ट नंबर 9540501414 है। इसमें रोजाना दर्जनों कॉल दवाइयों, राशन, भोजन और अन्य जरूरी सामान को लेकर मिल रही हैं। वॉर रूम में काम कर रहे वॉलंटियरों के अनुसार यह एक निर्धारित शेड्यूल के अनुसार काम करने जैसा है। रिसीव की गई कॉल के बाद इसकी कंप्यूटर पर इंट्री की जाती है और वॉर रूम में नियुक्त कमांडरों को अपने-अपने क्षेत्र की जरूरत के अनुसार इन कॉल्स की जानकारी दे दी जाती है। इसके बाद प्रक्रिया शुरू हो जाती है। जिले में 150 के करीब वॉलंटियर यू कठुआ के बैनर में काम कर रहे हैं, जिन्हें पुलिस की ओर से यू कठुआ जेकेपी के पहचान पत्र से लेकर टी-शर्ट भी उपलब्ध करवाई गई हैं। शहर के कई लोग दान के रूप में राशन की सप्लाई यू कठुआ तक पहुंचा रहे हैं।
पंजाब और जम्मू से खरीदकर दी जा रही दवाओं की होम डिलीवरी
यू कठुआ के वॉर रूम को पूरे सिस्टेमेटिक तरीके से अमल में लाया गया है। कॉल पर मांगी गई वस्तुएं लोगों को वॉलंटियर जेब पैसे खर्च कर खरीदते और फिर उपलब्ध करवाते हैं। जरूरतमंद लोगों के लिए यू कठुआ की ओर से दवाइयां निशुल्क भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं। लॉकडाउन के बीच जहां लोगों को जम्मू या पंजाब से दवाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही थीं, वहीं इस टीम ने इन स्थानों पर अपने वॉलंटियरों की मदद भी ली। कठुआ पुलिस ने दवाओं की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए लुधियाना में मेडिकल एसोसिएशन की भी मदद ली है। एसोसिएशन के सदस्य प्रदेश में आने वाले ट्रकों के माध्यम से जरूरी दवाएं कठुआ तक पहुंचाते हैं जहां से पुलिस इन दवाओं को वॉलंटियरों तक और फिर वालंटियर जरूरतमंदों तक उपलब्ध करवाते हैं। पठानकोट में सक्रिय अतिरिक्त वॉलंटियर यू कठुआ को लखनपुर में दवाएं खरीदकर उपलब्ध करवा रहे हैं, जिसके बाद बनी, बसोहली, बिलावर यहां तक की डुग्गन तक पुलिस टीमों के माध्यम से इसे सप्लाई कर वॉलंटियरों और फिर जरूरतमंदों तक पहुंचाया जा रहा है। यू कठुआ पर लोगों और विशेषकर महिलाओं का भरोसा भी बढ़ने लगा है। कई महिलाओं ने पिछले कुछ दिनों में सेनेटरी नैपकिन भी यू कठुआ के माध्यम से हासिल किए हैं, जो बाजार बंद रहने से उन्हें उपलब्ध नहीं हो पा रहे थे। कंडी के इलाकों में जहां यू कठुआ राशन उपलब्ध करवा रहा है, वहीं शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पका हुआ भोजन प्राथमिकता पर दिया जा रहा है।
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बच्चों के लिए दूध और पशुओं को चारा भी दिया जा रहा
यू कठुआ की ओर से पिछले कुछ दिनों में लगभग 250 ऐसे परिवारों को सूचीबद्ध किया गया है, जिनमें बच्चों के दूध की जरूरत को पूरा करने के लिए सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है। इन परिवारों को प्रत्येक बच्चे के अनुसार रोजाना दूध की सप्लाई दी जा रही है। शहर और ग्रामीण इलाकों में लॉकडाउन के बीच पशुओं के लिए चारा और कुत्तों के लिए भोजन की व्यवस्था भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। इसके लिए शहर में एक अलग टीम तैयार कर ली गई है। समाजसेवियों की मदद से यू कठुआ अब घरों से लोगों का बचा हुआ खाना एकत्रित कर कुत्तों को पहुंचाने के प्रयास शुरू कर चुका है तो वहीं लावारिस मवेशियों के लिए चारा एकत्रित कर उसे चौक-चौराहों में खड़े मवेशियों का निवाला बनाया जाएगा। इस कवायद में शहर के कई बुद्धिजीवी साथ देने के लिए आगे आए हैं।
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हर रोज बदल रहा मेन्यू, अब स्वीट डिश भी मिलेगी
यू कठुआ की 15 सामुदायिक रसोइयों में तैयार होने वाले साढ़े दस हजार लोगों के भोजन के मेन्यू को रोज बदला जा रहा है। अब इसमें एक स्वीट डिश को भी शामिल कर लिया गया है। शहर में दो जगह स्थापित गोदामों में लोगों की ओर से दान किए गए राशन को स्टॉक कर रखा गया है, जहां से जरूरत अनुसार लंगर कमांडरों को जारी किया जाता है। इसके बाद लंगर कमांडर इस भोजन को तैयार कर वॉलंटियरों को उपलब्ध करवाते हैं। श्रमिक कॉलोनियों से लेकर शहर और ग्रामीण इलाकों के गरीब लोगों को सूचीबद्ध किया गया है, जिसके अनुसार वॉलंटियर इलाके में दो वक्त के भोजन की निशुल्क सप्लाई सुनिश्चित कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त क्वारंटीन सेंटरों तक भी भोजन पहुंचाया जा रहा है।
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कोरोना वॉरियर्स में शामिल है यू कठुआ
कोरोना महामारी से जंग में जहां डॉक्टर, पुलिस और अन्य लोग अपनी सेवाएं दे रहे हैं, वहीं कोरोना वॉरियर्स की सूची में यू कठुआ के गुमनाम 350 से अधिक वॉलंटियर भी शामिल हैं। घर परिवार के बीच रहकर भी दूरी बनाए ये वॉलंटियर दिन और रात समाज के करीब पहुंच चुके हैं। यू कठुआ के वॉर रूम में वॉलंटियरों ने बताया कि उनमें से कई ऐसे भी हैं, जो पिछले कई दिनों से अपने परिवार और बच्चों से दूरी बनाए हुए हैं। लेकिन यह ऐसा पल है जब समाज को उनकी जरूरत है। महामारी के इस दौर के गुजरने के बाद परिवार उनके लिए प्राथमिकता रहेगा, लेकिन फिलहाल वे मानवता के अपने धर्म का पालन कर रहे हैं।
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यू कठुआ जम्मू-कश्मीर पुलिस के सहयोग से वॉलंटियरों का एक स्वतंत्र कंट्रोल रूम है, जो समन्वय के साथ जरूरतमंदों तक इस आपदा की घड़ी में मदद पहुंचा रहा है। इसमें शामिल वॉलंटियर, पुलिस के जवान और सहयोग करने वाले लोग टीम का हिस्सा हैं, जो इस नेक काम में अपनी भागीदारी दे रहे हैं। यह अपने आप में एक मिसाल है।
डॉ. शैलेंद्र मिश्रा, एसएसपी कठुआ।