टिकरी मोड़ के पास बनी बसोहली सड़क का लगभग 50 मीटर हिस्सा खाई में लुढ़का
रविवार दोपहर बनी बसोहली मार्ग टिकरी मोड़ के पास भूस्खलन की चपेट में आ गया। देखते ही देखते सड़क पर दरारें उभरें और धीरे धीरे सड़क का 50 मीटर हिस्सा खाई में गिर गया। इससे बनी और बसोहली के बीच सड़क संपर्क भंग हो गया।
उधर महानपुर और बसोहली के बीच दन्नी में क्षतिग्रस्त हुई सड़क को बहाल किए अभी दो दिन भी नहीं गुजरे थे कि एक बार फिर सड़क को नुकसान पहुंचा है। ऐसे में यातायात प्रभावित हो गया। उधर लखनपुर से महानपुर के बीच जगह जगह पस्सियां गिरने और भूस्खलन के चलते यात्री वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप रही। बिलावर दियालाचक मार्ग पर छोटे वाहनों को आवाजाही की अनुमति दिए जाने के कुछ दिन के भीतर ही फिर से मार्ग ठप हो गया है।
खतरे के निशान तक पहुंचा रंजीत सागर बांध का जलस्तर
रंजीत सागर झील का जलस्तर खतरे के निशान को पार करने जा रहा है। 527 फीट के पैमाने के मुकाबले रविवार को हुई भारी बारिश के बाद झील का जलस्तर डेढ़ फुट और बढ़ गया है। शाम छह बजे के लगभग ही खतरे की घंटे बजाते हुए यह 526 फुट को पार कर गया था।
ऐसे में लगातार पहाड़ी इलाको से रावी में बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए सोमवार सुबह तक जलस्तर खतरे के निशान के पार होने की संभावना है।एडीसी बसोहली पंकज भगोत्रा ने बताया लोगों को सुरक्षित जगह भेजा जा रहा है। मंडला में बाढ़ के बाद 148 लोगों को राधास्वामी सत्संग भवन में ठहराया। असुरक्षित स्थानों से लोगों को हटाकर पंचायत घरों और स्कूलों में ठहराने की व्यवस्था की गई है। पुलिस को हिदायत दी गई है कि लोगों का पुरथू इलाके में जाने से रोकें। झील का जलस्तर बढ़ने पर नजर रखी जा रही है।
महानपुर में जमीन धंसी पुंखर सरकारी स्कूल की इमारत गिरी
महानपुर के कैलड़ी इलाके में पहाड़ दरकने और भूस्खलन का मामला प्रकाश में आया है। यहां सरकारी स्कूल पुंखर की इमारत और टायलेट कांप्लेक्स देखते ही देखते जमींदोज हो गए। दरअसल भारी बारिश से भर गए जमीन में पहाड़ में सुबह बड़ी बड़ी दरारें आ गईं।
देखते ही देखते जमीन खिसकती नजर आई। भूस्खलन इतना तेज था कि कुछ ही पलों में कमरे मलबे में तब्दील हो गए। स्थानीय लोगों ने कहा कि रविवार का दिन था स्कूल में छुट्टी थी ऐसे में एक बड़ा हादसा भी टल गया है।
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