कोट भलवाल जेल में बंद आतंकी मददगार हबीब पर जेल के भीतर से भाई और भतीजे को मोहरा बनाकर टेरर फंडिंग का नेटवर्क चलाने का आरोप है। शोपियां पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद कथित आतंकी फंडिंग सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ।
सीमा पार से हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के आरोप में कोट भलवाल जेल में बंद आतंकी मददगार हबीब ने सलाखों के पीछे से ही नया नेटवर्क खड़ा कर लिया। टेरर फंडिंग के इस खेल में उसने अपने सगे भाई काजू और भतीजे हनीफ को भी झोंक दिया। दोनों को मोहरा बनाकर हबीब आतंकी गतिविधियों के लिए विभिन्न स्रोतों से धन जुटा रहा था।
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शोपियां पुलिस के हाथ जब इन भाई-भतीजे के पास पहुंचे तो पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश हो गया। आतंकी मददगार हबीब वर्ष 2022 के चर्चित ड्रोन से हथियारों की ड्रॉपिंग के मामले में जम्मू की हाई-सिक्योरिटी कोट भलवाल जेल में बंद है। वह कठुआ के सीमावर्ती हरिया चक का रहने वाला है। नए नेटवर्क के मामले की शुरुआत गत 17 अक्तूबर को हुई थी जब शोपियां पुलिस ने कठुआ जिले के राजबाग थाना पुलिस की मदद से सीमावर्ती क्षेत्र सपराल पाईं (हरिया चक) से हनीफ पुत्र काजू को चोरी के आरोप में पकड़ा था। तफ्तीश आगे बढ़ी तो काजू को भी हिरासत में लिया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने दोनों से गहन पूछताछ की तो राष्ट्रविरोधी साजिश सामने आने लगी।