पुलिस के पहुंचने से पहले ही भनक लग जाने के कारण साजिश में लिप्त सभी पांचों आरोपी भूमिगत हो गए। विशेष जांच टीम ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में चिह्नित संदिग्धों के ठिकानों पर सघन तलाशी ली और उनके परिजनों से पूछताछ की, लेकिन आरोपियों के न मिलने से पुलिस के हाथ खाली रहे।
सूरत के डुमस थाने में दर्ज इस अंतरराज्यीय आर्थिक अपराध की कड़ियां खंगालने के लिए ईओडब्ल्यू सूरत के पुलिस उप-निरीक्षक यूबी सोलंकी के नेतृत्व में विशेष टीम कठुआ पहुंची थी। सुबह करीब नौ बजे स्थानीय पुलिस चौकियों के साथ मिलकर दोहरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
जांच टीम ने सबसे पहले पुलिस पोस्ट मढ़ीन की मदद से सीमावर्ती गांव सुखदेवपुर बनियाड़ी में दबिश दी। यहां नामजद आरोपी राहुल शर्मा पुत्र केवल कृष्ण शर्मा और गौरव सिंह पुत्र केवल सिंह के आवासों की तलाशी ली गई। दोनों के नदारद मिलने पर टीम ने उनके परिजनों से वित्तीय लेन-देन और आरोपियों की गतिविधियों के बारे में कड़ी पूछताछ की। इसके बाद कठुआ थाना पुलिस के सहयोग से शहरी इलाकों में साजिश की दूसरी कड़ी पर प्रहार किया गया।
टीम ने लोगेट मोड़ निवासी गौरव चौधरी उर्फ स्मार्टी और वार्ड नंबर तीन निवासी लोकेश्वर सिंह उर्फ शुभम पुत्र अनूप सिंह के ठिकानों पर भी दबिश दी। वहीं, राजबाग के करंडी कलां क्षेत्र का पांचवां आरोपी जसबीर सिंह उर्फ जस्सी पुत्र कृष्ण सिंह भी अपने घर से नदारद पाया गया।
संगीन धाराओं में दर्ज है मामला
गुजरात पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क के खिलाफ आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी की संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316 (5) के तहत गंभीर आपराधिक विश्वासघात, धारा 61(2) के तहत सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र रचने और धारा 3(5) के तहत साझा इरादे से आर्थिक अपराध को अंजाम देने का आरोप है। गुजरात ईओडब्ल्यू अब इस अंतरराज्यीय नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए अन्य संभावित ठिकानों पर दबिश की प्रक्रिया लगातार जारी है।