कठुआ। उपराज्यपाल (एलजी) मनोज सिन्हा ने रविवार को जिले में कठुआ जलतट (वाटर फ्रंट) का उद्घाटन किया। करीब 1,200 मीटर लंबे इस जलतट पर साइकिलिंग ट्रैक, नाइट फूड बाजार, सैर के लिए पथ, खूबसूरत रोशनी और संगीत के साथ सैर करने का माहौल भी मिल गया है।
एलजी ने कहा कि दो हजार साल पहले इस शहर को बसाने वाले हमारे पूर्वजों का सपना पूरा हुआ है जिन्होंने शहर के लोगों के लिए गुणवत्ता से भरे जीवन की कल्पना की थी। जलतट की यह परियोजना विभिन्न इकाइयों के सामुदायिक सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत पूरी हुई है।
इससे पहले एलजी ने हीरानगर उपखंड में 1,350 करोड़ रुपये लागत की निजी औद्योगिक इकाई धुनसेरी पॉलीफिल्म्स का भी उद्घाटन किया।
एलजी ने कहा कि विकास के यह काम उद्योग लगने से हुए हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के दिमाग में बात बैठ जाती है कि जो जमीन सरकारी है, वो जमीन हमारी है जबकि उद्योग भी सरकारी जमीन पर ही लगते हैं। लोगों के जीवन से जुड़ी कई परियोजनाएं इनसे ही संभव होती हैं।
एलजी ने बताया कि उन्हें 30 अप्रैल को ही इस जलतट का उद्घाटन करना था, लेकिन 22 अप्रैल को पहलगाम के पास हुई निर्दोष लोगों की हत्या से पूरे देश में आक्रोश था। प्रधानमंत्री के आदेश पर सेनाओं ने छह मई की रात ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। तब पूरा समाज और देश एकजुट होकर हमारे सैनिकों के साथ खड़ा था।
उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर की सीमा पर सबसे ज्यादा गोलीबारी हुई। इसमें हमारे कई नागरिक बिछड़ गए। एक प्रशासनिक अधिकारी को भी हमने खोया है। भारत सरकार ने कई पीड़ितों की सहायता की है। समारोह के दौरान उपराज्यपाल ने जिले के जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को स्टेडियम और ऑडिटोरियम बनाने के लिए जगह उपलब्ध करवाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि जमीन उपलब्ध होने के तीसरे दिन ही इसका निर्माण शुरू करवा दिया जाएगा। जलतट परियोजना के उद्घाटन समारोह में मंडलायुक्त और डीसी के साथ कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
मेरे देसे दा शलैपा मेरी अक्खीं कन्नै दिक्ख
एलजी ने स्थानीय कवियों की कविताओं के माध्यम से जम्मू कश्मीर की खूबसूरती का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि डोगरी के मशहूर कवि दीनू भाई पंत अपनी मिट्टी, अपने गांव और अपने नगर को कवि की नजर से दर्शाया है।
उनकी पंक्तियों का जिक्र करते हुए एलजी ने कहा कि मेरे देसे दा शलैपा मेरी अक्खीं कन्नै दिक्ख, इसी तरह से उन्होंने कृष्ण स्मैलपुरी की कविता का भी जिक्र किया। एलजी ने कहा कि कठुआ की मिट्टी, बसोहली चित्रकला की जन्मदात्री यह मिट्टी पूरे भारत का गर्व है। उन्होंने कहा कि जलतट और नदीतट में जीवंतता जरूर होनी चाहिए। इससे शहर में गुणवत्तापूर्ण रहनसहन सुनिश्चित होता है। इस परियोजना का सांस्कृतिक महत्व भी होगा। एलजी ने कहा कि इस परिसर में एक महिला स्वतंत्र रूप से अपना रेस्टोरेंट चला रहीं हैं जिससे नारी सशक्तीकरण भी हुआ है।
उन्होंने कहा कि नगरों और गांव में विकसित की जा रही कोई भी इकाई केवल लोहे और सीमेंट का जोड़ नहीं होता। वह इकाई हमारे नगर, गांव के विकास की आधारशिला बन पाए, हमें इसका प्रयास करना होगा।
उन्होंने लोगों से भी कहा कि कोई भी शहर तभी स्मार्ट हो सकता है जब वहां के लोग स्मार्ट हों। लिहाजा हमें विकास के लिए मिलने वाली ढांचागत सुविधाओं का संरक्षण भी खुद करना होगा। एलजी ने कहा कि किसी भी क्षेत्र का समावेशी विकास ही सार्थक विकास होता है।
विधायक जसरोटिया ने पूर्व डीसी केबी अग्रवाल को किया याद
जसरोटा के विधायक राजीव जसरोटिया ने जलतट के साथ प्रदेश को पांच साल में प्रगति पथ पर लेने के लिए एलजी का आभार जताया। उन्होंने बताया कि जब वे कॉलेज में पढ़ते थे तो कठुआ के डीसी केबी अग्रवाल ने शहर में ड्रीमलैंड पार्क विकसित कर दिया था। तब से 30 साल बाद अब शहर को जलतट की सौगात मिली है। इसके लिए उन्होंने डीसी राकेश मिन्हास की भी सराहना की।
विधायक ने कहा कि इस परियोजना को और विस्तार दिया जा सकता है जिसके लिए एक परियोजना पूर्व में तैयार की गई थी, जिसमें नहर के आधुनिकीकरण और सौंदर्यीकरण का काम होना था लेकिन वो अधूरा रह गया। उन्होंने कहा कि कठुआ के विधायक डॉ. भारत भूषण ने कठुआ के कूका चक से सावन चक तक परियोजना के संबंध में मांग रखी है जिसे चनग्रां से भागथली तक विस्तार देकर जोड़ा जा सकता है। इससे पहले कठुआ के विधायक डॉ. भारत ने भी उपराज्यपाल का आभार जताकर शहर की इस परियोजना को विस्तार देने की मांग की।