पत्रकारवार्ता को संबोधित करते उस्ता के डॉ. शशि पाल। संवाद
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जम्मू एवं कश्मीर यूनाइटेड स्कूल टीचर्स एसोसिएशन (उस्ता) की जिला समिति की बैठक में शिक्षकों की समस्याओं को लेकर सरकार पर अनदेखी के आरोप लगाए गए। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर सरकार गंभीर नहीं। शिक्षा मंत्री से मांग की गई कि वह लंबित समस्याओं के निवारण के लिए ठोस पहल करें। बैठक की अध्यक्षता प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. शशि पाल सिंह ने की।
इस मौके पर डॉ. शशि पाल सिंह ने कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों को एक वर्ष बीत जाने के बावजूद पेंशन लाभ नहीं मिलना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग की आलोचना करते हुए बताया कि व्याख्याताओं, हेडमास्टरों और ज़ोनल अधिकारियों को 13 वर्षों की सेवा के बाद भी नियमित नहीं किया गया है। इससे उनका मनोबल गिरा है। उन्होंने विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की तत्काल बैठक बुलाने की मांग की, जिसमें सभी वर्गों के शिक्षकों को शामिल किया जाए। कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (सीएएस) के तहत समय पर पदोन्नति न मिलने को उन्होंने शिक्षा प्रणाली की दक्षता के लिए हानिकारक बताया।
डॉ. सिंह ने सरकार से संविदा व्यवस्था समाप्त करने और रिक्त पदों को नियमित भर्ती से भरने की मांग की। उन्होंने क्लस्टर रिसोर्स सेंटर स्टाफ के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन सिद्धांत लागू करने और स्कूलों के बुनियादी ढांचे में त्वरित सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। एसोसिएशन ने शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू से अपील की कि शिक्षकों की मांगों को शीघ्र पूरा किया जाए।
बैठक में उस्ता के जिला विनायक शर्मा, भारत भूषण, मोहन सिंह, हंस राज शास्त्री, मोहम्मद सूरमु, राजन कुमार, मोहिंदर सिंह, शुभ नंदन शर्मा, राम दास, राम लाल वर्मा, यश पाल, राधेश्याम, विजय कुमार सहित कई अन्य वरिष्ठ शिक्षक उपस्थित रहे।