कठुआ। जिला मुख्य शिक्षा अधिकारी ने साफ शब्दों में कहा है कि सक्षम प्राधिकारी के सेफ्टी ऑडिट सर्टिफिकेशन के बिना किसी भी सरकारी व निजी स्कूल को नहीं खोला जाएगा। हालांकि मुख्य शिक्षा अधिकारी राजीव अबरोल के मुताबिक प्रारंभिक जांच से सामने आया कि जिलेभर में सात सौ से आठ सौ स्कूलों की स्थिति ठीक पाई गई है, लेकिन इन स्कूलों के लिए भी सक्षम प्राधिकारी का सेफ्टी ऑडिट सर्टिफिकेशन अनिवार्य है। क्योंकि मामला बच्चों की सुरक्षा का है। लिहाजा इसमें कोई कोताही नहीं होने दी जाएगी।
जिलेभर में कुल 1200 के करीब सरकारी स्कूल है। जिन्हें 12 शिक्षा जोन में में बांटा गया है। इसमें से छह शिक्षा जोन पहाड़ी इलाके में आते है। जहां बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। अब तक की प्राप्त जानकारी के मुताबिक इन छह जोनों में कुल 18 स्कूल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इसमें मल्हार, बनी, महानपुर, बसोहली और बिलावर के स्कूल शामिल हैं। जबकि सैकड़ों स्कूलों को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है। वहीं पूरी तरह से क्षतिग्रस्त स्कूलों के इमारतों के लिए वैकल्पिक स्थान की व्यवस्था की जा रही है। पहाड़ी शिक्षा जोन में जहां वैकल्पिक इमारत की व्यवस्था नहीं हो पाएगी, वहां टेंट की व्यवस्था कर स्कूलों को कार्यात्मक बनाने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है। वहीं गैर पहाड़ी शिक्षा जोन में कई ऐसे स्कूल भी सामने आए हैं, जहां स्कूली इमारतें तो ठीक हैं, लेकिन बाढ़ का पानी और मलबा स्कूलों के अंदर चले जाने से बैठने के लायक नहीं है। हालांकि स्कूल प्रबंधन ने इन स्कूलों की सफाई तो करवा दी है पर भारी बदबू के चलते ऐसी इमारतें बच्चों के लिए फिलहाल बैठने लायक नहीं हैं।
पहाड़ी क्षेत्र के अभी तक 30 फीसदी स्कूलों तक ही पहुंच पाई हैं सेफ्टी ऑडिट टीमें
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्र के छह शिक्षा जोन के 30 फीसदी स्कूल तक ही सेफ्टी ऑडिट की टीमें की पहुंच बना पाई है। दरअसल, इन इलाकों में ज्यादातर सड़के बारिश के कर बह गई है या बंद पड़ी हुई है। वहीं, जहां तक टीमें पहुंच पा रही है, वहां का सेफ्टी ऑडिट जारी है, लेकिन सर्टिफिकेशन अभी भी बाकी पड़ा हुआ है। वही, शिक्षा अधिकारियों की माने तो सभी स्कूलों तक पहुंच बनाने में कुछ और समय लग सकता है।
मैदानी छह शिक्षा जोनों में ज्यादातर स्कूलों की सेफ्टी ऑडिट
वहीं, मैदानी इलाकों के छह शिक्षा जोनों में अभी तक ज्यादातर स्कूलों तक सेफ्टी ऑडिट की टीम ने निरीक्षण कर लिया है, लेकिन खबर लिखे जाने तक सर्टिफिकेशन नहीं मिल पाया है। हालांकि ज्यादातर इमारतों को सिर्फ आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है। जिसके चलते इन इमारतों को मरम्मत कार्य करवाने के लिए कितना वित्त सहायता दी जाएगी। इसकी रिपोर्ट सक्षम प्राधिकारी से आना बाकी है। मढ़ीन जोन के जोनल शिक्षा अधिकारी के मुताबिक कुल 85 स्कूलों में 81 का ऑडिट हो चुका है। जिसमें 15 स्कूलों को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है, जबकि चार का ऑडिट होना अभी बाकी है। सल्लन जोन के कुल 64 स्कूलों में 51 स्कूलों तक टीम ने निरीक्षण कर लिया है। जिसमें एक स्कूल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त की सूचना है। वहीं, कठुआ जोन के 92 स्कूलों का ऑडिट जारी है, और सर्टिफिकेशन का इंतजार है।
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बिलावर में 166 स्कूलों का सेफ्टी ऑडिट, 150 स्कूलों को प्रमाणपत्र जारी
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार बिलावर सब-डिविजन में अब तक 166 स्कूलों का सेफ्टी ऑडिट हो चुका हैं और 150 स्कूलों को सर्टिफिकेशन भी जारी कर दिया है। लगभग इतने ही स्कूल का ऑडिट होना बाकी है, क्योंकि इन स्कूलों तक पहुंच बनाने के लिए पीएमजीएसवाई की सड़के बंद पड़ी हुई है। जिसमें हाई स्कूल मोआर के सभी 17 कमरें क्षतिग्रस्त हो चुके है, जबकि प्राइमरी स्कूल बिहाई, सुलाडी, पुंखर और एनपीएस मुरारा की इमारतों को अनसेफ घोषित किया गया है। जबकि मिडिल स्कूल सेरी मेजर और जीपीएस सेरी मुनी में खासकर रिपेयर की जरूरत है। वहीं, इन स्कूलों के मरम्मत कार्य के लिए लोक निर्माण विभाग ने 5 से 6 करोड़ की राशि का अनुमान लगाया है।