कठुआ। भारत-पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे राजकीय हायर सेकेंडरी स्कूल (जीएचएसएस)कान्हा चक में 165 विद्यार्थियों का भविष्य खतरे में है। शैक्षणिक सत्र के समापन में अब कुछ ही महीने बाकी हैं लेकिन स्कूल में चार प्रमुख विषयों के प्रवक्ता अब तक नियुक्त नहीं किए गए हैं। राजनीति विज्ञान में छह साल से जबकि शिक्षा शास्त्र, हिंदी और समाज शास्त्र में दो साल से प्रवक्ता की तैनाती नहीं हो सकी है।
वर्ष 2019 में विद्यालय को राजकीय हायर सेकेंडरी स्कूल का दर्जा मिला था। पिछले छह वर्षों से यहां राजनीति विज्ञान के प्रवक्ता की नियुक्ति नहीं हुई। हायर सेकेंडरी स्कूल का दर्जा मिलने के समय यहां राजनीति विज्ञान विषय की पढ़ाई करने के लिए 26 विद्यार्थी पंजीकृत थे लेकिन प्रवक्ता की नियुक्ति नहीं होने से इस विषय के विद्यार्थियों की संख्या घटकर मात्र छह रह गई है। शिक्षा शास्त्र, हिंदी और समाज शास्त्र विषयों में वर्ष 2023 में प्रवक्ता के तबादले के बाद इन विषयों को पढ़ाने के लिए न प्रवक्ता नियुक्त हुए न वैकल्पिक इंतजाम किए गए।
बता दें कि साल में दो बार शिक्षा विभाग क्लस्टर स्तर पर शिक्षकों और प्रवक्ताओं की नियुक्ति को तर्कसंगत बनाने पर विचार करता है पर यहां यह व्यवस्था भी लागू नहीं हो पाई। विद्यार्थियों के अनुसार स्कूल प्रशासन कभी साइंस विषयों के प्रवक्ता को तो कभी हाईस्कूल स्तर के शिक्षकों को इन प्रमुख विषयों को पढ़ाने के लिए मजबूर करता है। छात्र बताते हैं कि ये वैकल्पिक शिक्षक केवल कक्षा में पढ़ाने की औपचारिकता ही निभाते हैं और हमेशा कहते हैं कि जल्द ही उनके विषय के प्रवक्ता आ जाएंगे।