संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। नए आपराधिक कानूनों पर पुलिस स्टेशन बनी में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। थाना प्रभारी ने नए आपराधिक कानूनों की भूमिका और महत्व पर प्रकाश डाला। संवाद सत्र में प्रतिभागियों को विभिन्न कानूनी प्रावधानों पर स्पष्टीकरण मांगने और अपने प्रश्नों को आवाज देने का अवसर मिला।
थाना प्रभारी ने उपस्थिति को बताया कि नए कानूनों में साइबर अपराध, डाटा चोरी और डिजिटल धोखाधड़ी जैसे अपराधों को परिभाषित करते हुए उनके लिए कठोर सजा का प्रावधान किया गया है। यह कानून, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले मामलों की त्वरित सुनवाई और सख्त दंड सुनिश्चित करते हैं, इनमें दुष्कर्म जैसे अपराधों के लिए समयबद्ध जांच और सुनवाई के प्रावधान जोड़े गए हैं। नए कानूनों के माध्यम से डिजिटल तकनीक और प्रक्रियाओं के सरलीकरण के जरिए मामलों को तेजी से निपटाने का भी प्रयास किया गया है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को तीन अद्यतन आपराधिक कानूनों के बारे में शिक्षित करना था। भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम। कार्यक्रम में कानूनों के व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाने के लिए संवाद चर्चा भी की गई। जागरूकता शिविर में पीआरआई सदस्यों, प्रमुख नागरिकों और अन्य अधिकारियों सहित विभिन्न हितधारकों ने भाग लिया।