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Kathua News: सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा कागजों तक सीमित

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प्रदेश सरकार की ओर से सरकारी बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की योजना की हकीकत जमीनी स्तर पर कुछ और ही है। एक तो पर्याप्त बसों की कमी के चलते महिलाओं को इस योजना का लाभ न के बराबर मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ अगर सरकारी ई-बस दिख भी जाए तो बस चालक भारी भीड़ के कारण ज्यादातर स्टॉपेज से बिना रुके गुजर जाते हैं। इससे महिलाओं और खासकर स्कूल-कॉलेज की छात्राओं में रोष व्याप्त है।
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महिलाओं का कहना है कि उनके लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की घोषणा कागज तक सीमित होकर रह गई है। छात्राओं ने बताया कि वे पहले बस स्टॉप पर घंटों सरकारी बस का इंतजार करती हैं फिर अगर बस आती भी है तो या तो वह रुकती नहीं और अगर रुकती है तो उसमें इतनी भारी भीड़ होती है कि चढ़ना मुश्किल हो जाता है। इसके बाद मजबूरन उन्हें निजी बसों में किराया देकर यात्रा करनी पड़ती है।

कठुआ कॉलेज की छात्रा जाह्नवी शर्मा ने बताया कि वह सुबह चड़वाल में ई-बस का इंतजार करती हैं। करीब आधे से पौने घंटे तक इंतजार के बाद भी बस ओवरलोड होने के कारण बिना रुके गुजर जाती है। इसके बाद हमें निजी बस में जाना पड़ता है, जिसकी वजह से कई बार हम कॉलेज देर से पहुंचते हैं।
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दीप्ति शर्मा का कहना है कि सरकारी बसों में महिलाओं को मुफ्त सफर की सुविधा सिर्फ घोषणा तक ही सीमित है। जमीनी स्तर पर हकीकत कुछ और है। खासतौर पर सुबह कॉलेज जाने के समय सभी कॉलेज छात्राएं ई-बस का इंतजार करती हैं। लेकिन बस में भारी भीड़ होने के कारण बिना रुके सामने से गुजर जाती है। सुबह कॉलेज के टाइम जम्मू-कठुआ रोड पर केवल एक ही बस चलती है, जो सवारियों की संख्या के हिसाब से पर्याप्त नहीं है।
छात्राओं ने सरकार से मांग की है कि इस रूट पर ई-बसों की संख्या को बढ़ाया जाना चाहिए ताकि महिलाओं के साथ-साथ स्कूल और कॉलेज की छात्राओं को भी मुफ्त यात्रा की योजना का लाभ मिल सके।
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