कठुआ। शनिवार को जिले में ब्लैक फंगस के पहले संदिग्ध के सामने आने और जांच से पहले ही उसकी मौत के बाद चार और लोग संदिग्ध हैं। सोमवार को सामने आए इन संदिग्ध मामलों की जांच रिपोर्ट बुधवार शाम तक नहीं आ पाई थी। ऐसे में बीमार लोगों के परिजन भी उहापोह में हैं। एक बीमार के परिजन उसे इलाज के लिए पंजाब के अस्पताल में ले गए हैं। उनका कहना है कि एक ओर जहां इस तरह के मामले गंभीर हैं वहीं संदिग्ध मामलों को लेकर रिपोर्ट में तीन तीन दिन की देरी क्यूं हो रही है यह समझ से परे हैं। उनका कहना है कि न तो जीएमसी प्रशासन के पास उपचार है और न ही उन्हें कोई बीमारी को लेकर उचित जवाब दिया जाता है। ऐसे में वे पंजाब में उपचार के लिए जाने को मजबूर हुए हैं।
उधर, जीएमसी प्रधानाचार्य डॉ अंजलि नादिर भट्ट ने बताया कि जीएमसी में चार संदिग्ध उपचाराधीन हैं। फिलहाल लैब से इनकी जांच रिपोर्ट नहीं आई है लेकिन इनके नाम पोर्टल पर चढ़ा दिए गए हैं ताकि सरकार से दवा हासिल की जा सके। उन्होंने कहा कि जैसे ही दवा हासिल होती है वैसे ही उपचार शुरू कर दिया जाएगा।