धरना स्थल पहुंचकर मजदूरों के हक में उठाई आवाज, प्रशासन और सरकार को घेरा
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। औद्योगिक क्षेत्र स्थित औद्योगिक इकाई से निकाले गए 110 श्रमिकों के समर्थन में बुधवार को पूर्व सांसद चौधरी लाल सिंह धरना स्थल पर पहुंचे और मजदूरों के पक्ष में जोरदार आवाज उठाई। इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोलते हुए श्रमिकों के साथ हो रहे अन्याय का विरोध किया।
पूर्व सांसद ने कहा कि पिछले 15 दिनों से मजदूर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन जिला प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के बजाय उन्हें नजरअंदाज कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रमिकों को नौकरी से निकालना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है और इससे कई परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। धरना-स्थल पर मौजूद मजदूरों ने बताया कि लंबे समय से इकाई प्रबंधन के साथ वेतन बढ़ोतरी को लेकर उनका संघर्ष चल रहा था।
मजदूरों के अनुसार, 15 मई को प्रबंधन ने चार कर्मचारियों को बुलाकर बताया कि इकाई घाटे में चल रही है और 16 मई से इसे पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया गया है। श्रमिकों का कहना है कि वर्ष 2017 से सभी 110 मजदूर इस इकाई में कार्यरत हैं और अचानक इकाई बंद करने का फैसला श्रम कानूनों का उल्लंघन है। मजदूरों ने आरोप लगाया कि इकाई बंद करने और छंटनी की प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई। उनका कहना है कि न तो उन्हें पहले कोई नोटिस दिया गया और न ही वेतन संबंधी मामलों का निपटारा किया गया।
चौधरी लाल सिंह ने कहा कि मजदूर किसी भी उद्योग की रीढ़ होते हैं और उनके साथ अन्याय किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि निकाले गए श्रमिकों को तुरंत बहाल किया जाए और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए। इस मौके पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष पंकज डोगरा ने भी सरकार और औद्योगिक इकाइयों की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन औद्योगिक इकाइयों ने लोगों को रोजगार देने के बजाय केवल प्रदूषण दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह मजदूरों के समर्थन में खड़ी है। मौके पर कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष विशु अंडोत्रा, अधिवक्ता कीर्ति भूषण सहित बड़ी संख्या में मजदूर शामिल रहे।