भारत पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर तनावपूर्ण हालात के बीच विस्थापित हुए ग्रामीणों की घर वापसी होने लगी है। दिवाली से पूर्व तक जहां पिछले कुछ दिनों से विस्थापित ग्रामीण अपने स्तर पर ही दिन के समय गांव जा रहे थे। वहीं अधिकतर ग्रामीण अब सामान के साथ संबंधित इलाकों को लौट गए हैं।
हीरानगर सब डिवीजन के दर्जनों गांवों से विस्थापित हुए दस हजार से अधिक लोग प्रशासन द्वारा बनाए गए विस्थापित शिविरों में पनाह लिए हुए थे।
शुक्रवार की शाम तक लेकिन नौ हजार से अधिक लोग अपने घराें को लौट चुके थे। फिलहाल हीरानगर हायर सेकेंडरी स्कूल, हीरानगर हाई स्कूल, छन्न खतरेयां और मढ़ीन में कुल सात सौ के करीब लोग रह रहे हैं।
शुक्रवार को सीमा सुरक्षा बल के कमांडेंट, प्रशासनिक अधिकारियों और बॉर्डर यूनियन प्रतिनिधियों के बीच इस बाबत विस्तार से चर्चा भी की गई।
बॉर्डर यूनियन के भारत भूषण ने बताया कि सीमावर्ती इलाके के हालात लगभग सामान्य हो चुके हैं। बीएसएफ की ओर से बताया गया है कि पाकिस्तान के सरहदी इलाकों में भी ग्रामीण घरों को लौट आए हैं।
ऐसे में हीरानगर के सीमावर्ती इलाकों में अधिकतर लोग अपने सामान्य रूटीन में आने लगे हैं। उन्होंने बताया कि तारबंदी के इस पार लगी फसलों की कटाई भी शुरू हो गई है। ऐसे में उम्मीद की जा सकती है कि विस्थापित शिविरों में शेष रहे लोग भी जल्द घराें को लौट आएंगे।
अंतर्राष्ट्रीय सीमा से 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले 57 गांवों से लोगों का पलायन हुआ था। सबसे ज्यादा गांव पहले तीन किलोमीटर के थे।