हीरानगर। भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर तारबंदी के आगे गेहूं की बुआई का काम पूरा होने पर सीमावर्ती किसान बेहद खुश हैं। पहले चरण में किसानों ने कृषि विभाग के सहयोग से 141 एकड़ भूमि पर गेहूं बोई है। यहां खेती करने वाले किसानों को सीमा सुरक्षा बल की ओर से भी पूरी सुरक्षा उपलब्ध कराई गई। इसके लिए किसानों ने उनका भी आभार व्यक्त किया है।
19 वर्षों के बाद 16 दिसंबर को तारबंदी के आगे चक चंगा और छन्न टांडा के किसानों ने खेती का काम शुरू किया। पहली बार यहां खेती कर रहे किसानों को कृषि विभाग ने बीज और खाद मुफ्त में उपलब्ध कराया है। पहले किसान यहां खेती करने के लिए खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे थे। लेकिन जब बीएसएफ ने उन्हें पूरी सुरक्षा का आश्वासन दिया तो किसानों ने बेखौफ होकर यहां काम किया। सुंदरलाल ने कहा कि प्रशासन कई बार किसानों को यहां खेती करने के लिए प्रेरित कर चुका है। लेकिन कुछ किसान सुरक्षा और निशानदेही को लेकर खेती करने को तैयार नहीं हो रहे थे। हमने प्रशासन और बीएसएफ के आश्वासन के बाद यहां खेती का काम शुरू किया। एक-एक कर बाकी किसानों ने भी अपने खेतों पर काम शुरू कर दिया। अब यहां 141 एकड़ भूमि पर गेहूं बोई जा चुकी है। 19 वर्षों बाद यहां खेती कर सभी किसान बेहद खुश हैं। इसके लिए हम कृषि विभाग और बीएसएफ के अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हैं।