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किसान करेंगे औषधीय पौधों की खेती

Sat, 04 Jul 2015 01:26 AM IST
ओमपाल संब्याल/अमर उजाला,कठुआ
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बारिश पर निर्भर खेती में लगातार घाटे का सामना कर रहे किसानों के लिए अच्छी खबर है। सुगंधित और औषधीय पौधों की खेती से नफा कमाने के लिए उनके लिए महत्वपूर्ण विकल्प खुल गया है। अरोग्य ग्राम योजना के तहत कठुआ जिले के कंडी क्षेत्र में काउंसिल फॉर साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (सीएसआईआर) की ओर से कवायद शुरू कर दी गई है।
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ऐसे किसानों को योजना से जोड़ने का प्रयास है, जो हाल के वर्षों में अपनी पारंपरिक खेती के अनुभव में नुकसान झेल चुके हैं। इन किसानों को भारतीय समवेत औषधि संस्थान द्वारा सुगंधित एवं औषधीय गुणों वाले पौधों की खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

खेती शुरू करवाने से लेकर अच्छी पैदावार लेने और उसके बाद उत्पाद खरीदने की व्यवस्था की जाएगी। योजना के तहत पूरे राज्य के लगभग एक हजार गांव कवर किए जाने हैं। शुरुआत कठुआ के कंडी क्षेत्र से की जा रही है। कठुआ जिला मुख्यालय से सटे इलाकों से लेकर बसोहली और बिलावर के कंडी क्षेत्र के गांव इसमें शामिल किए जाएंगे।
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अरोग्य ग्राम योजना के क्रियान्वयन में लगी टीम के एक सदस्य ने बताया कि कठुआ जिले में 20 क्लस्टर तैयार करने की योजना है। इसके तहत सबसे पहले किसानों को पारंपरिक खेती का विकल्प समझाया जा रहा है। किसान यदि औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती करते हैं, तो उन्हें सरकार खेती शुरू करने से लेकर उत्पाद बेचने तक की प्रक्रिया में मुकम्मल सुविधा देने जा रही है।

उन्होंने बताया कि कंडी क्षेत्र में समय पर बारिश नहीं होने से किसानों को लगातार नुकसान झेलना पड़ रहा है। सुगंधित और औषधीय गुणों वाले पौधों की खेती में कई ऐसे विकल्प हैं, जिनमें सिंचाई की न्यूनतम सुविधा होने के बावजूद अच्छी उपज हासिल कर सकती है। सबसे खास बात है कि भारतीय समवेत औषधि संस्थान के विशेषज्ञों की मदद से यदि किसान खेती करते हैं, तो उनकी पैदावार को खरीदने की गारंटी भी दी जाएगी।
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