कठुआ। भागथली स्थित किसान मंडी की भूमि पर औद्योगिक इकाई स्थापित किए जाने के मामले में किसानों का विरोध लगातार जारी है।
इसका विरोध कर रहे किसानों ने अपनी लड़ाई के कानूनी पक्ष को मजबूत बनाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसकी जानकारी किसानों की इस लड़ाई को नेतृत्व प्रदान कर रही जम्मू कश्मीर किसान तहरीक के कार्यकारी प्रधान हरि सिंह ने दी है। उन्होंने बताया कि किसानों के विरोध के बाद किसान मंडी की भूमि पर लगाए गए खंभे हटा लिए गए हैं। वहीं प्रशासन से भी उन्हें आश्वासन दिया गया है कि मंडी की भूमि से किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। गत बुधवार को किसानों के पास आए तहसीलदार ने उन्हें इस बारे में किसी भी तरह की शंका की स्थिति में डीसी के साथ सीधा संवाद करवाने का आश्वासन दिया था लेकिन अभी भी किसान इस मामले में आश्वस्त नहीं है क्योंकि एक माह पहले भी प्रशासन ने किसानों को आश्वासन दिया था कि मंडी की भूमि किसी औद्योगिक इकाई को नहीं दी जाएगी।
लिहाजा अब उनका प्रयास है कि पहले मंडी की भूमि का राजस्व रिकार्ड हासिल किया जाए ताकि अगर उसमें कोई छेड़छाड़ की गई है तो उसका पता चल सके और इसी के आधार पर किसान अपनी लड़ाई को आगे बढ़ा सकें।
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अनाज मंडी 42 कनाल जमीन पर है। किसानों को आशंका थी कि मंडी को कहीं शिफ्ट किया जा रहा है। इस पर प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसा नहीं है। किसान कुछ दिन पहले जब मंडी में पहुंचे तो पाया कि वहां भीतर खंभे लगे हुए थे। मामला मेरे संज्ञान में आने के बाद तहसीलदार कठुआ से बात की गई है। इसके बाद वहां लगे खंभे हटा लिए गए हैं। फिलहाल किसी भी तरह का कोई गतिरोध नहीं है।
-संजीव राय गुप्ता मुख्य कृषि अधिकारी
अनाज मंडी की जगह से किसी भी तरह की कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है। जो घुसपैठ हुई थी, उसे हटवा दिया गया है। इस संबंध में जिला उपायुक्त ने भी किसानों को स्पष्ट रूप से आश्वस्त किया है।
-विक्रम कुमार तहसीलदार कठुआ