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निशुल्क राशन न मिलने पर राशन डीलर के खिलाफ जताया रोष

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राशन डीलर बदले जाने की मांग को लेकर डीसी कार्यालय पर प्रदर्शन करते उपभोक्ता। - फोटो : KATHUA
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कठुआ। कोरोना महामारी के दौरान केंद्र सरकार की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे निशुल्क राशन से वंचित नंगल, छजियाल और मुट्ठी खुर्द के सैकड़ों लोगों ने राशन डीलर के खिलाफ कड़ा रोष जताया। बुधवार को अपनी शिकायत लेकर पहुंचे ग्रामीणों का गुस्सा जन वितरण विभाग के सहायक निदेशक और डीसी के अपने कार्यालय में न मिलने पर फूट पड़ा और जोरदार नारेबाजी करते हुए अपने गुस्से का इजहार किया। हालांकि इस दौरान प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला प्रधान प्रेमनाथ डोगरा ने फोन के माध्यम से डीसी को ग्रामीणों की समस्या से अवगत कराया, तो डीसी ने अगले 24 घंटों में उनकी समस्या का समाधान किए जाने का आश्वासन दिया है।
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प्रदर्शनकारियों में शामिल ग्रामीण जगदीश राज ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जिनके पास रोजगार के साधन कम है। उन्हें कोरोना की इस महामारी में केंद्र सरकार की ओर से निशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, उनके गांव का राशन डीलर लोगों को राशन उपलब्ध कराने के बजाय उसे खुद हड़प कर ले रहा है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार लोगों को राहत पहुंचाने के लिए निशुल्क राशन उपलब्ध करा रही है तो उसे उपभोक्ताओं तक पहुंचना भी चाहिए। वहीं एक अन्य प्रदर्शनकारी कौशल्या देवी ने बताया कि उन्हें पिछले 4 महीनों से राशन डीलर द्वारा एक भी बार राशन नहीं दिया गया। जिसकी जांच की जानी चाहिए। लोगों ने राशन डीलर के खिलाफ रोष जताते हुए प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि उक्त राशन डीलर पहले भी उपभोक्ताओं के राशन में हेरफेर करता है। साथ ही सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले राशन के बजाय उन्हें घटिया गुणवत्ता के राशन का वितरण करता है और अधिकारी लोगों की समस्या से आंख मूंदे हुए हैं। लिहाजा उनके गांव के राशन डीलर के लाइसेंस को निरस्त कर वहां विभाग के सरकारी राशन डीलर के माध्यम से लोगों को राशन उपलब्ध करवाया जाए।
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला प्रधान प्रेमनाथ डोगरा ने कहा कि एक तरफ मोदी सरकार लोगों को राहत देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। लेकिन कुछ लोगों की अच्छी मानसिकता न होने के कारण सरकार ओर से मिलने वाली राहत लोगों तक नहीं पहुंच पा रही है। उन्होंने कहा कि अगर कुछ लोग ऐसा करते हैं तो संबंधित विभागों के अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती है कि वह इसकी जांच करें, ताकि लोगों को राहत मिले।
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प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर एक-दो दिनों में उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया। तो वह इससे ज्यादा संख्या में आकर डीसी के कार्यालय के समक्ष अपने रोष का इजहार करेंगे। प्रदर्शनकारियों में राजेश कुमार, अमित कुमार, विजय कुमार, बिट्टू कुमार, ललिता देवी, नूरा बेगम के अलावा काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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