कृषि निदेशक जम्मू अनिल गुप्ता ने शनिवार को दयालाचक स्थित एसडीएओ कार्यालय में बैठक की। इस मौके पर उन्होंने कृषि योजनाओं की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिया कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ हर किसान को मिले।
बैठक में मुख्य कृषि अधिकारी कठुआ जतिंदर कुमार खजूरिया सहित अन्य अधिकारियों से उन्होंने जिले में कृषि विकास के लिए जाने वाली पहल की जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने नाबार्ड, केंद्र सरकार की योजनाओं, एचएडीपी व कैपेक्स बजट के माध्यम से चलाई जाने वाली योजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति का मूल्यांकन किया।
उन्होंने पीडीएमपी को बढ़ावा देने के साथ हाई टेक पॉली हाउस और सिंचाई के लिए वाटर टैंक जैसी योजनाओं से ज्यादा से ज्यादा किसानों को जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों तक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की रणनीति, बजट उपयोगिता और क्षेत्रीय विकास की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचे और पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाए।
इस मौके पर असिस्टेंड सायल कजरवेशन आफिसर कठुआ मुरारी डिगरा, एरिया डेवलेपमेंट आफीसर विजय अबरोल के अलावा बिलावर, बसोहली और कठुआ के एसडीओ सहित सबडिवीजन स्तर के अधिकारी भी मौजूद रहे।
बैठक के उपरांत उन्होंने राजकीय डिग्री कॉलेज के पर्यावरण अध्ययन के विद्यार्थियों के साथ कठुआ स्थित मैटेरियल रिकवरी फेसिलिटी केंद्र का शैक्षणिक भ्रमण किया। जिसमें शामिल विद्यार्थियों को कचरे की रिसाइकिलिंग प्रक्रिया,
कम्पोस्टिंग के चरण और महत्व के अलावा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में मैटेरियल रिकवरी फेसिलिटी केंद्र की भूमिका की जानकारी दी।
वहीं, इस दौरान केंद्र के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से बताया कि किस प्रकार घरेलू और औद्योगिक कचरे को अलग किया जाता है, पुनः उपयोग योग्य सामग्री को छांटा जाता है और जैविक अपशिष्ट से कम्पोस्ट तैयार किया जाता है।