हीरानगर। छपाकि गांव से सटे तरनाह नाले के किनारे सरकारी भूमि और जल क्षेत्र (वाटर बॉडी) पर अतिक्रमण किया जा रहा है। इसकी शिकायत मिलने पर स्थानीय प्रशासन ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। इसके तहत कच्चे और पक्के करीब 20 ढांचे तोड़ दिए गए।
एसडीएम फुलेल सिंह अपनी टीम के साथ मंगलवार सुबह मौके पर पहुंचे और वहां सुरक्षा बल की भारी तैनाती के बीच अवैध रूप बने ढांचों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की गई। करीब चार घंटों तक चली कार्रवाई के दौरान करीब 20 कच्चे कुल्ले और पक्के मकान तोड़े गए। इसी दौरान नए निर्माण के लिए बनाई गई पक्की नींव भी तोड़ी गई।
एसडीएम ने बताया कि लोग लंबे समय से इस क्षेत्र में अतिक्रमण की शिकायत कर रहे थे। अतिक्रमण हटाने के लिए छपाकि क्षेत्र के लोगों ने पिछले 15 दिनों में चड़वाल सांझी मोड़ सड़क पर दो बार विरोध, प्रदर्शन भी किया था।
इन लोगों ने आरोप लगाया था कि समुदाय विशेष के लोग यहां तेजी से अतिक्रमण कर रहे हैं। इसके बाद प्रशासन ने अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई की तैयारी की और मंगलवार सुबह मशीनों की मदद से अवैध निर्माणों को ढहा दिया गया।
एसडीएम ने बताया कि सरकारी भूमि और जलक्षेत्र पर अतिक्रमण की निशानदेही पहले की जा चुकी थी। इसके बाद मंगलवार को कार्रवाई पूरी की गई है। इस दौरान करीब 20 से अधिक कच्चे, पक्के ढांचों को तोड़ा गया है।
उन्होंने बताया कि अवैध निर्माण कर यहां रह रहे लोगों के बिजली कनेक्शन मिलने की भी जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण पर भविष्य में भी इसी तरह से कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, जिन लोगों के अवैध निर्माण तोड़े गए उनका कहना है कि वह पिछले 20 वर्षों से यहां रह रहे हैं लेकिन यहां निर्माण कार्य शुरू करते समय उन्हें किसी ने नहीं रोका। अगर यह भूमि सरकार की थी तो संबंधित विभाग के अधिकारियों को उन्हें निर्माण ही नहीं करने देना चाहिए था।