हीरानगर। बुधवार रात करीब 11 बजे जरा सी बारिश के बाद उपमंडल के कई इलाके अंधेरे में डूब गए। इसके बाद वीरवार 10 बजे तक कुछ इलाकों में ही बिजली आपूर्ति बहाल हो पाई, जिसकी वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
इसे लेकर आम लोगों में विभाग के प्रति भारी रोष है। उनका कहना है कि समय पर तारों की मरम्मत न होने के कारण जरा सी हवा और बारिश फॉल्ट का कारण बनती है और बिजली बंद हो जाती है। चड़वाल के मनोहर लाल ने कहा कि रात को जरा सी बारिश हुई और बिजली बंद हो गई और सुबह करीब 10 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हुई, जबकि कई इलाकों में दोपहर तक भी बिजली आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाई थी। यह कोई नई बात नहीं है। हर बार यही होता है लेकिन विभाग इससे कोई सबक नहीं लेता है। बरसात से पहले तारों की मरम्मत वहीं पर की जाती है, जहां वे दिख रही हों। जो तारें बड़े वृक्षों और झाड़ियां में उलझी होती हैं, उन्हें कोई हाथ तक नहीं लगाता। यही कारण है कि जब जरा सी हवा और बारिश होती है तो फाल्ट हो जाता है और बिजली बंद हो जाती है। स्थानीय निवासी तीरथ राम ने कहा कि बारिश और हवा की वजह से जैसे आज से 10 वर्ष पहले बिजली बंद होती थी, वही हाल आज है। विभाग ने बिजली महंगी तो कर दी है लेकिन अभी भी सही ढंग से इसकी आपूर्ति सुनिश्चित नहीं कर पाया है। शाम ढलने के बाद अगर कहीं तार उलझने की वजह से बिजली बंद होती है तो उसके बाद विभाग के अधिकारी और कर्मचारी लोगों का फोन उठाना बंद कर देते हैं। अगर गलती से उठा भी लें तो आगे से उनका यही जवाब होता है कि अब सुबह ही आएगी। अब कुछ नहीं हो सकता है।