गोविंदसर के स्थानीय युवाओं ने पाकिस्तान की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए प्रदर्शन किया। इस मौके पर पाकिस्तान और वहां के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का पुतला भी जलाया। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान को दो टूक चेतावनी दी कि भारत के धैर्य की परीक्षा लेना बंद करे।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाने की मांग करते हुए कहा कि अब पाक पर हमला करना ही एकमात्र विकल्प बचा है। सामाजिक कार्यकर्ता शशि शर्मा ने कहा कि पाकिस्तान बर्दाश्त की सभी सीमाओं को लांघ चुका है। एक दशक में पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर को वे घाव दिए हैं, जिनके लिए उसे कभी माफ नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का हल नहीं है। लेकिन भारत में शांति बहाल करने के लिए पाकिस्तान को जवाब देना जरूरी है। उन्होंने रोष प्रकट करते
हुए कहा कि पाकिस्तान ने भारत की संप्रभुता को चुनौती दी है, जिसका एकमात्र हल है कि पाकिस्तान के खिलाफ भारत सरकार कार्रवाई करे। प्रदर्शनकारियों में जोगिंद्र पाल, साजन कुमार, रमेश कुमार, हरि सिंह, गौरव शर्मा, सुनील शेट्टी आदि शामिल रहे।
उड़ी हमले के विरोध में पाकिस्तान के खिलाफ शुक्रवार को डीएवी स्कूल के बच्चों ने रैली निकालकर रोष जताया। इसके साथ ही शहीदी चौक पहुंचकर बच्चों ने पाकिस्तान का झंडा भी जलाया। बच्चों ने रैली के दौरान काले झंडे लिए थे और साथ ही तख्तियों पर आतंकवाद विरोधी नारे भी लिखे थे।
रैली में शामिल बच्चों ने कहा कि पिछले कुछ समय से पाकिस्तान से भारत पर आतंकी हमले करवाकर साफ किया है कि वह पड़ोसी नहीं, दुश्मन है। दुश्मन को सबक सिखाने का एक ही तरीका है कि उसे उसी की भाषा में जवाब दिया जाए।
बच्चों ने कहा कि उड़ी में शहीद हुए सैनिकों का बदला लिा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उड़ी में आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की ओर से आ रही बयानबाजी से कहीं भी नजर नहीं आ रहा है कि उसे इस बात का पछतावा है या फिर वह इस हमले से इनकार कर रहा है।
उन्होंने कहा कि भारतीय सेना हर स्थिति में तैयार है और किसी भी स्थिति में दुश्मन के दांत खट्टे करने का माद्दा रखती है। ऐसे में देश की सरकार को सेना पर भरोसा रखना चाहिए। वहीं इस मौके पर स्कूल की प्रिंसिपल आशु शर्मा ने कहा कि रैली का मकसद बच्चों के भीतर चल रही भावनाओं से सरकार को अवगत करवाना था।