कठुआ। चिकित्सा शिक्षा और रोगी देखभाल को बढ़ावा देने के लिए, राजकीय मेडिकल कॉलेज कठुआ को मेडिकल साइंस में राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (एनबीईएमएस) ने फार्माकोलॉजी विभाग में एमबीबीएस डीएनबी के बाद की चार सीटें प्रदान की हैं।
पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए जनवरी 2021 से जनवरी 2025 तक पांच साल के लिए फिलहाल यह मान्यता प्रदान की गई है। इससे हर साल चार विद्यार्थी खुद को इनरोल कर सकेंगे और फार्माकोलॉजी विभाग में स्नातकोत्तर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि जीएमसी कठुआ को हाल ही में एनबीई से बाल रोग, सामुदायिक चिकित्सा और शरीर क्रिया विज्ञान विभागों में मान्यता मिली है। और मान्यता प्राप्त विभागों में जीएमसी को कुल आठ सीटें पहले ही आवंटित की जा चुकी हैं। जीएमसी में डीएनबी पाठ्यक्रमों की शुरुआत से जम्मू के पहले से ही बोझिल देखभाल संस्थानों के लिए कठुआ से रेफरल में कमी आने की उम्मीद है।
जीएमसी कठुआ ने मेडिसिन, सर्जरी, एनेस्थीसिया, ईएनटी, ऑप्थल्मोलॉजी, गाइनी और ओबीजी, एनाटॉमी, बायोकेमिस्ट्री, पैथोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स सहित दस और विशिष्टताओं में डीएनबी पाठ्यक्रमों में मान्यता के लिए भी आवेदन किया है, जिनमें से पांच विभागों का एनबीई ने निरीक्षण किया है। इन पाठ्यक्रमों से दूर-दराज के जिलों में स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं में भारी सुधार की उम्मीद है। और, देखभाल संस्थानों में भी सेवाओं में सुधार होगा।