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जीएमसी कठुआ में एमबीबीएस के दूसरे बैच को मिली मंजूरी

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कठुआ। जीएमसी कठुआ में एमबीबीएस के दूसरे बैच को बोर्ड ऑफ गवर्नर्स/नेशनल मेडिकल कमीशन ने बुधवार को मंजूरी दे दी है। इस बैच में सौ सीटें हैं। नीट के परिणाम सामने आने के बाद इस कवायद को आगे बढ़ाया गया है। खास बात यह भी है कि अब तक महात्मा गांधी जच्चा-बच्चा अस्पताल में चल रहे जीएमसी कठुआ की कक्षाएं दिसंबर माह से नई इमारत में चलाई जा सकेंगी।
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नवंबर माह के अंत तक इमारत का निर्माण पूरा कर इसे जीएमसी प्रबंधन को सौंपे जाने की तैयारी है। दरअसल, महात्मा गांधी जच्चा-बच्चा अस्पताल में मेक शिफ्ट व्यवस्था के तहत एमबीबीएस का पहला बैच चलाया जा रहा है, लेकिन दूसरे बैच के लिए व्यवस्था नहीं है। ऐसे में प्रबंधन दिसंबर से नई इमारत में कक्षाओं को शिफ्ट करने की तैयारी में जुट गया है। जीएमसी कठुआ की प्रधानाचार्य डॉ. अंजलि नादिर भट्ट ने बताया कि एमबीबीएस के दूसरे बैच को अनुमति मिलना कठुआ के लोगों के लिए खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि नीट के परिणाम आ चुके हैं, अब काउंसिलिंग का दौर चलेगा। इसके बाद नया बैच शुरू होगा। फिलहाल कोरोना संकट के कारण पहले बैच की कक्षाएं ऑनलाइन चलाई जा रही हैं। दिसंबर माह के अंत तक कॉलेज में कक्षाएं लगाने की अनुमति भी मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि नवंबर माह के अंत तक नई इमारत का काम पूरा हो जाएगा। इसमें जीएमसी प्रबंधन को मुख्य इमारत और गर्ल्स, ब्वॉयज हॉस्टल की सुविधा मिलने जा रही है। इसके कुछ महीनों बाद क्वार्टर भी हासिल हो जाएंगे। ऐसे में लैब से लेकर अन्य सुविधाएं भी यहां उपलब्ध होंगी, जिससे दोनों बैच चलाए जा सकेंगे।
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कोट
तीस नवंबर तक जीएमसी कठुआ की निर्माणाधीन इमारत में मुख्य इमारत और दो हॉस्टल जीएमसी प्रबंधन को सौंप दिए जाएंगे। स्टाफ क्वार्टरों का काम जारी है, जिसे मार्च तक सौंपने की तैयारी है। जीएमसी कठुआ परियोजना की कुल लागत 189 करोड़ रुपये है।
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- राजन गुप्ता, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, कठुआ
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