- पहले 12 वार्डों से शुरू होगी मुहिम, एक महीने बाद कवर होंगे सभी वार्ड
- गाड़ियों की होगी ऑनलाइन मॉनिटरिंग, परिषद अधिकारी भी करेंगे सुपरविजन
-सॉफ्टवेयर व टोल फ्री नंबर पर दर्ज करवा सकेंगे शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर में आज से डोर-टू-डोर कचरा इकट्ठा करने की मुहिम शुरू हो रही है। इसके लिए हरियाणा बेस्ड कंपनी श्री शाइमा की टीम शहर में पहुंच चुकी है। सर्वे मुकम्मल होने के बाद इसकी औपचारिक शुरुआत हो जाएगी। ठेकेदार कंपनी ने नगर परिषद की गाड़ियां टेकओवर कर ली हैं। ड्राइवरों की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। ठेकेदार कंपनी का कार्यालय नगर परिषद दफ्तर में ही होगा।
एमआरएफ (मेटीरियल रिकवरी फेसिलिटी) प्लांट का भी सर्वे कर उसे भी टेकओवर कर लिया है। परिषद अधिकारियों का कहना है कि पहले फेज में सोमवार को वार्ड 1 से 12 तक डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का काम शुरू होगा। एक महीने तक ऐसे ही चलेगा। इसके बाद इसे सभी 21 वार्डों में लागू किया जाएगा। वहीं, इस प्रोजेक्ट के साथ-साथ लोगों को जागरूक भी किया जाएगा। शहर की सफाई का काम पहले की तरह परिषद कर्मचारी ही करेंगे।
सभी गाड़ियों में लगेगा जीपीएस
परिषद अधिकारियों ने बताया कि घरों से कचरा एकत्रित करने वाली सभी गाड़ियों को जीपीएस से लैस किया जाएगा। इसके लिए अलग से आईटी सेल का गठन किया गया है। कंपनी की आईटी एक्सपर्ट टीम मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए सभी वाहनों पर नजर रखेगी। तय रूट प्लान के तहत कंपनी के ड्राइवर घरों से कचरा उठाएंगे। गाड़ियों पर नजर रखने के लिए सुपरवाइजर हरियाणा से पहुंच चुके हैं।
सॉफ्टवेयर और टोल फ्री नंबर पर दर्ज करवा सकेंगे शिकायतें
परिषद अधिकारियों ने बताया कि नगर परिषद की ओर से डोर-टू-डोर कलेक्शन के लिए सॉफ्टवेयर डेवलप किया जा रहा है। इसमें लोग अपनी शिकायतें दर्ज करवा पाएंगे। इसके अलावा एक टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा। अगर कंपनी की गाड़ी कचरा उठाने नहीं पहुंचती तो लोग सॉफ्टवेयर या टोल फ्री नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकेंगे। हर शिकायत का रिकॉर्ड सॉफ्टवेयर पर होगा। इसका एक्सेस कंपनी के साथ-साथ परिषद अधिकारियों के पास भी होगा। शिकायत मिलने पर उसी दिन निवारण करना होगा।
लोग सहयोग करें तो कचरा मुक्त होगा कठुआ : सीईओ
नगर परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जोधराज ने बताया कि सोमवार को डोर-टू-डोर मुहिम की शुरुआत की जाएगी। शहरवासी इस मुहिम में परिषद का सहयोग करें। केवल परिषद या कंपनी के लोग शहर को स्वच्छ नहीं बना सकते। लोग सहयोग करें तो शहर को कचरा मुक्त किया जा सकता है। इसके लिए लोगों को जागरूक भी किया जाएगा।