पांच मरले प्लाट और सीमावर्ती गांवों में बंकर बनाने के मुद्दे पर सीमावर्ती गांव पानसर के लोगों का गुस्सा पीएमओ मंत्री डा. जितेंद्र सिंह के खिलाफ भड़क उठा। लोगों ने मंत्री के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और कुछ दिन पूर्व मंत्री द्वारा जिला उपायुक्त से जनसभा में इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण देने की भी आलोचना की। प्रदर्शनकारियों ने बार्डर यूनाइटेड फ्रंट के बैनर तले नारेबाजी की। इस दौरान कहा कि मंत्री को लोगों को गुमराह करने का कोई हक नहीं है।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे फ्रंट के चेयरमैन घनश्याम शर्मा ने कहा कि जब डा. जितेंद्र सिंह को पीएमओ मंत्रालय में कार्यभार सौंपा गया था, तो सीमा अशांत थी और लोगों ने पलायन किया था। तब मंत्री ने चड़वाल में आकर लोगों को पांच मरले के प्लाट देने का वादा किया और जल्द ही काम होने का भरोसा भी दिलाया। लेकिन, साल बाद जब कुछ नहीं हुआ, तो दूसरी बार मंत्री ने दो महीने में काम हो जाने की बात कही। लेकिन, आज कई महीने गुजर गए, न तो अब तक प्लाट मिले हैं और न ही बंकर बने हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ दिन पूर्व जब मंत्री कठुआ में एक जनसभा के दौरान संबोधित कर रहे थे, तो उन्होंने इस मुद्दे के स्पष्टीकरण के लिए जिला उपायुक्त को कंधा बनाया। प्रदर्शनकारियों में शामिल अशोक कुमार, मनोहर लाल, सतपाल, जगन्नाथ, रमेश चंद्र आदि ने कहा कि मंत्री हर बार अपने संबोधन में एक ही बात दोहराते हैं, लेकिन आज तक उनके द्वारा किया गया एक भी वादा पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने संबोधन के दौरान जिला उपायुक्त का सहारा लेना पड़ा। इससे साफ है कि वह मात्र हवाई बातें करते हैं।