4 जनवरी 2025 को दायर की थी तलाक की याचिका, अगस्त 2023 से रह रहे थे अलग
कठुआ। प्रधान जिला न्यायाधीश जतिंदर सिंह जम्वाल ने आपसी सहमति से तलाक की अर्जी को मंजूरी दी है। पति-पत्नी की ओर से 4 जनवरी 2025 को तलाक की याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने अविवाहनीय मतभेदों का हवाला दिया। दोनों अगस्त 2023 से अलग रह रहे थे।
न्यायालय ने पहले सुलह की संभावनाओं को तलाशने की कोशिश की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। 24 अप्रैल 2025 को दंपति ने छह महीने की अनिवार्य प्रतीक्षा अवधि को हटाने का अनुरोध किया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद जम्मू-कश्मीर हिंदू विवाह अधिनियम 1955 की धारा 13-बी के तहत उनकी शादी को आधिकारिक रूप से समाप्त कर दिया गया। याचिकाकर्ताओं ने गुजारा भत्ता और दहेज संबंधी मामलों को आपसी सहमति से सुलझा लिया था। संवाद