महानपुर के निकटवर्ती बनहोड़ गांव में अक्टूबर महीने के पहले सप्ताह में लोगों के बीमार होने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। बताया जाता है कि गांव में दूषित पानी पीने से ही सवा सौ के करीब लोग डायरिया की चपेट में आए थे। इनमें से कई लोगों को महानपुर की पीएचसी, बिलावर के उपजिला अस्पताल में भी रेफर किया गया था, जबकि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने डेढ़ सप्ताह तक गांव में ही शिविर स्थापित कर लोगों का इलाज किया।
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार स्वास्थ्य विभाग ने बनहोड़ गांव के ट्यूबवेल और पानी की टंकी से सैंपल भरे थे, जो पीने के लिए उपयुक्त नहीं पाए गए हैं। विशेषज्ञों की मानें तो ऐसा तभी होता है, जब काफी समय से टैंक की साफ-सफाई नहीं की गई हो। गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग ने खाद्य सुरक्षा विभाग के जरिये न सिर्फ बनहोड़, बल्कि गोविंदसर और बरनोटी में भी पानी के सैंपल भरवाए थे। हैरानी की बात यह है कि गोविंदसर और बरनोटी में भी पानी के मुख्य स्त्रोत से पानी पीने लायक नहीं पाया गया है।
दोनों ही गांव में पिछले एक महीने से लोग बुखार, जोड़ों के दर्द और चर्म रोग से जूझ रहे हैं। इन गांव में भी बीमारी की वजह पानी हो सकती है, चूंकि स्वास्थ्य विभाग भी यह दावा कर चुका है कि गांव में गंदगी के अंबार हैं और पेयजल के लिए लगाई गई पाइप नालियों से ही होकर गुजर रही हैं। कमोबेेश ऐसी ही स्थिति जिले के अन्य क्षेत्रों की भी हो सकती है।