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साहब! नाले का काम अधूरा, फसलें हो रहीं तबाह

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मांगों को लेकर डीसी कार्यालय पहुंचे सीमावर्ती गांव के लोग। - फोटो : KATHUA
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कठुआ। महाराजपुर में नाले के अधूरे निर्माण कार्य और सीमांत क्षेत्र की जमीनों का किराया देने की मांग को लेकर किसानों का प्रतिनिधिमंडल डीसी ओपी भगत से मिला और समस्याएं बताईं। प्रतिनिधिमंडल में शामिल कुलदीप सिंह, नरेंद्र सिंह, जगबीर सिंह, नवजोत सिंह आदि ने कहा कि हरियाचक से महाराजपुर जाने वाली सड़क के दोनों ओर ग्रेफ ने नाले का निर्माण किया है। लेकिन महाराजपुर के पास काम अधूरा छोड़ दिया है, बारिश के दिनों में नाले का जलस्तर बढ़ने से पानी फसलों में घुस जाता है, जिससे नुकसान हो रहा है। दो साल से न तो यहां गेहूं की फसल हुई और न ही धान की। इस बार बारिश के दौरान नाले का जलस्तर बढ़ने से 200 कनाल जमीन में धान की फसल तबाह हो गई। लोगों ने कहा कि सुरक्षा को लेकर 1978 में सीमा के साथ लगती महाराजपुर गांव के किसानों की 250 कनाल जमीन सरकार ने ले ली थी। इसका 1996 तक उन्हें किराया मिलता था, लेकिन इसके बाद किराया बंद कर दिया। इन 24 साल से किसान न तो अपनी जमीन पर खेती कर सके और न ही उन्हें किराया दिया जा रहा। प्रतिनिधिमंडल ने जमीन के बंद पड़े किराए को शुरू करवाने के साथ-साथ 24 साल का बकाया देने की भी मांग की है।
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डीसी ने कहा कि नाले के संबंध में उनकी ग्रेफ के अधिकारियों से बात हुई है। फंड उपलब्ध न होने से काम अधूरा पड़ा है। लेकिन किसानों की समस्या को देखते हुए ग्रेफ से बात की गई है और पानी खेतों में न जाए इसके लिए कच्चे नाले का निर्माण कर दिया जाएगा। भूमि के किराए के संबंध में सरकार तक किसानों की बात पहुंचाई जाएगी।
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