कसबे में सोमवार को कलश यात्रा निकालकर जंजघर में श्रीमद्भागवत कथा का आगाज किया गया। कलश यात्रा बसोहली नगर के विभिन्न कोनों से होकर गुजरी और पंडाल में पहुंचकर सिर पर कलश उठाए महिलाओं ने परिक्रमा की। आयोजक प्रेम सागर अजीज ने बताया कि 28 मार्च तक राशन डिपो के साथ लगते जंजघर के प्रांगण में कथा करवाई जाएगी। इसमें संत सुभाष शास्त्री प्रवचन कर भक्तों को प्रभु चरणों के साथ जोड़ेंगे।
सोमवार को कथावाचक ने श्रीमद्भागवत पुराण का वर्णन करते कहा कि कलियुग में भागवत कथा सुनने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। कलियुग में प्रवेश करते ही राजा परीक्षित की बुद्धि का हरण हुआ था और उन्होंने अज्ञानता वश तपस्या में लीन ऋषि के गले में सर्प डाल दिया। इस पाप से मुक्ति पाने के लिए राजा ने सात दिन तक श्रीमद्भागवत कथा सुनी, जिससे उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई थी। कथावाचक ने कहा कि सनातन धर्म मनुष्य को पाप, कर्म और सामाजिक कृतियों को करने से रोकने के लिए पुराणों और धार्मिक ग्रंथों में अनेक प्रसंग दिए गए हैं। इन प्रसंगों का श्रवण कर जीवन में सात्विकता आती है। सात्विकता ही व्यक्ति को पुण्य की ओर ले जाती है, जो व्यक्ति पुण्य कर्म करता है, वह मोक्ष की प्राप्ति करता है।