370 हटने से 70 साल से हो रहे जुल्मों से मिला छुटकारा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने शहीदी दिवस पर भीखम सिंह और बिहारी लाल को दी श्रद्धांजलि
संवाद न्यूज एजेंसी
हीरानगर। अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर के लोगों को 70 सालों से हो रहे जुल्मों से छुटकारा मिला। प्रदेश को घर की जागीर समझने वालों को यह बात रास नहीं आ रही। यह बातें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र रैना ने सोमवार को हीरानगर में समाधियां स्थल पर शहीदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए कहीं।
रविंद्र रैना ने एक निशान एक प्रधान एक विधान के नारे को लेकर 1953 के आंदोलन में शहीद हुए भीखम सिंह और बिहारी लाल को श्रद्धांजलि देने के बाद कहा कि शहीदों की शहादत को कभी नहीं भूलाया जा सकता। उनके आंदोलन का ही नतीजा है कि आज पूरा देश एक तिरंगे के नीचे है। उन्होंने कहा कि हमें बेहद खुशी है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 370 को हटाकर इन शहीदों के सपने को पूरा किया। इसके हटने से जम्मू कश्मीर के लोगों को 70 सालों से हो रहे जुल्मों से छुटकारा मिला। गुज्जर बकरवाल, पाकिस्तानी रिफ्यूजियों, यहां की बेटियों, गोरखा और बाल्मीकि समाज को उनका अधिकार मिला, जबकि प्रदेश को घर की जागीर समझने वाली राजनीतिक पार्टियों को यह सब रास नहीं आ रहा। वह नहीं चाहते कि प्रदेश के हर नागरिक को उसका अधिकार मिले।
इस मौके पर पूर्व मंत्री राजीव जसरोटिया ने कहा कि हीरानगर के शहीदों की शहादत की बदौलत ही आज प्रदेश के हर नागरिक को उसका अधिकार मिला है। कार्यक्रम में हीरानगर निकाय समिति के अध्यक्ष विजय शर्मा, पूर्व विधायक कुलदीप राज, डीडीसी सदस्य कर्ण कुमार, रघुनंदन सिंह, अभिनंदन शर्मा, रिंपी चाढ़क, ठाकुर रणजीत सिंह आदि शामिल रहे।
पिछले साल की तुलना में कम रही लोगों की मौजूदगी
डीडीसी चुनावों में भाजपा की बंपर जीत के बावजूद शहीदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में लोगों की उपस्थिति पिछले साल की तुलना में बेहद कम रही। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र रैना के पहुंचने के बाद भी जब कुर्सियां नहीं भरीं तो उन कुर्सियों को समेटना पड़ा। आम लोगों को उम्मीद थी कि कठुआ जिला में भाजपा की बंपर जीत के बाद इस बार के कार्यक्रम में भीड़ ज्यादा होगी। लेकिन इस साल के कार्यक्रम में पहले की तुलना में आधे लोग भी नहीं पहुंचे। इससे आयोजकों के हाथ पैर फूलने लगे। मंच पर बैठे नेताओं के सामने किरकिरी होती, इससे पहले ही खाली कुर्सियों को समेटना शुरु कर दिया। हीरानगर निकाय समिति के अध्यक्ष विजय शर्मा ने कार्यक्रम में पहले से कम उपस्थिति की बात स्वीकार की।