जानकारी के अनुसार तलाशी अभियान के दौरान यह बात सामने आई कि ये लोग यहां सड़क विस्तारीकरण का काम कर रही कंपनी के मजदूर थे, जो पिलर के पास सो रहे थे। उन्हें कुछ लोगों ने संदिग्ध समझा और पुलिस को सूचित किया। इसके बाद पुलिस ने हाईवे की तरफ से तलाशी अभियान शुरू किया और पथवाल और प्लाई इलाके को जंगलों को खंगाला। जब यह स्पष्ट हो गया कि जिन्हें संदिग्ध बताया गया, वे यहां काम कर रही कंपनी के मजदूर हैं तो अभियान को समाप्त कर दिया गया।
बॉर्डर डीएसपी धीरज कटोच ने बताया कि किसी ने नजदीकी चौकी पर यह जानकारी दी कि नाले में एक्सप्रेस वे के पिलर के पास कुछ संदिग्ध हैं और उनकी तस्वीर भी भेजी। इसके बाद पुलिस टीम ने तलाशी अभियान शुरू कर दिया। बाद में इनकी पहचान कर ली गई। पहचान में यह पाया गया कि ये यहां निर्माण कार्य कर रही कंपनी के मजदूर थे।