- अदालत से का लोगो लगाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। मुख्य न्यायाधीश ने हत्या प्रयास के मामले में आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। हत्या प्रयास का मामला इसी साल जून महीने में लखनपुर पुलिस थाने के अधीन पड़ते मेहताबपुर से सामने आया था।
बनारसी दास पर आरोप है कि उसने मेहताबपुर निवासी समालो राम के घर में घुसकर उसके बेटे पर तेजधार हथियार से हमला कर उसे बुरी तरह से घायल कर दिया। पुलिस ने आरोपी को अक्तूबर माह में गिरफ्तार किया था और बताया था कि वारदात में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद कर लिया गया है। अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि जमानत के लिए अर्जी पर निर्णय लेते समय न्यायालय को विभिन्न परिस्थितियों को ध्यान में रखना होता है जिसमें अपराध की प्रकृति और गंभीरता, अपराध किए जाने की परिस्थितियों की प्रकृति और गंभीरता, गवाहों को प्रभावित किए जाने, धमकी दिए जाने आदि शामिल है।
इस मामले में धारा 437 सीआरपीसी का प्रतिबंध लागू होता है। आरोपी द्वारा कथित रूप से किए गए अपराध की गंभीरता यह है कि आरोपी के मुकदमे का सामना करने से फरार होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। पीड़ित, जो गंभीर रूप से घायल था, अभी भी दवा ले रहा है। हमले के बाद पीड़ित को 26 टांके लगे। जमानत याचिका खारिज की जाती है। बता दें कि आरोपी बनारसी दास ने अर्जी में कहा था कि उसे लखनपुर पुलिस ने केस में झूठा फंसाया है।
यह है मामला
आरोपी बनारसी दास निवासी मेहताबपुर के खिलाफ लखनपुर पुलिस ने आईपीसी की धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया था। आरोप है कि बनारसी दास 26 जून 2024 की रात आठ से नौ बजे के लगभग आपराधिक इरादे से शिकायतकर्ता वीना देवी पत्नी समालो राम निवासी मेहताबपुर के आंगन में तेजधार वाले हथियार के साथ आया और हत्या करने के इरादे से वीना देवी के बेटे किशोर कुमार पर हमला किया। पुलिस ने कोर्ट को यह भी बताया है कि लगभग चार साल पहले आरोपी ने किशोर कुमार के पिता समालो राम पर भी हमला किया था, जिससे उनकी बांह में चोट आई थी।