अदालत से का लोगो लगाएं
-विजयपुर में तैनात डॉक्टर ने जीएमसी कठुआ में तेजधार हथियार से दो लोगों को कर दिया था घायल
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जूनियर नर्सिंग कर्मचारी पर हुए कातिलाना हमले के मामले में सीजेएम की अदालत ने आरोपी डॉक्टर की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। हमले के दौरान बचाव के लिए आए और घायल हुए कैंटीन संचालक की वर्तमान स्थिति को देखते हुए और बयान दर्ज न होने को भी अपराध की गंभीरता में आधार बनाया गया है।
जानकारी के अनुसार विजयपुर अस्पताल में तैनात डॉक्टर ने जीएमसी कठुआ में तैनात जूनियर नर्सिंग कर्मचारी पर हमला कर दिया था। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि रिपोर्ट के अवलोकन से पता चलता है कि आवेदक को कठुआ पुलिस ने धारा 109 भारतीय न्याय संहिता और 4/25 आर्म्स एक्ट के तहत आरोपी बनाया है। 31 अक्टूबर, 2024 को आरोपी ने पुरानी दुश्मनी के आधार पर तेजधार हथियार से विवेक शर्मा और राहुल कोतवाल पर हमला किया। इसमें दोनों गंभीर घायल हो गए।
आरोपी डॉ. जाहिर अब्बास निवासी जानीपुर जम्मू ने राहुल कोतवाल पर मारने के इरादे से हमला किया। विवेक शर्मा को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि राहुल कोतवाल का अभी डीएमसी, लुधियाना में इलाज चल रहा है। पुलिस के अनुसार वह बयान देने में सक्षम नहीं है क्योंकि उसकी गर्दन और पेट पर चोट लगी है। घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज भी हैं। आरोपी और पीड़ितों के बीच मोबाइल पर हुई बातचीत की रिकॉर्ड भी एकत्र करने के लिए कहा गया है।
कोर्ट के अनुसार प्रथम दृष्या अभियुक्त ने जघन्य अपराध किया है। इस तरह के अपराध में बीएनएस 109 के तहत आजीवन कारावास की सजा है। अपराध की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए। पीड़ित राहुल कोतवाल के उपचाराधीन होने के चलते जमानत याचिका को खारिज किया जाता है।