कोर्ट ने कहा-अभियोजन पक्ष की कहानी में गंभीर खामियां
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने एनडीपीएस मामले में दो आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष की कहानी में गंभीर खामियां है।
पुलिस की ओर से दायर चालान के अनुसार मामला 12 नवंबर 2015 का सावन चक का है। पुलिस ने गुरुद्वारा चौक के पास हरजीत सिंह से 61 नशीले कैप्सूल व प्रिंस शर्मा से 19 कैप्सूल बरामद किए थे। पुलिस के मुताबिक आरोपी वार्ड 14 के हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 12 दिसंबर को कोर्ट में चालान प्रस्तुत किया। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धारा 8/21/22 के तहत आरोप तय किए गए। आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया और ट्रायल की मांग की। अभियोजन पक्ष के वकील ने दावा किया कि नशीले कैप्सूल की बरामदगी अभियुक्तों के पास से हुई है। वहीं, बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि जांच में गंभीर खामियां हैं। पहला कि तलाशी से पहले अभियुक्तों को मजिस्ट्रेट या गजटेड अधिकारी के सामने तलाशी का विकल्प नहीं दिया गया। दूसरा मौके पर कोई स्वतंत्र गवाह की नहीं था। जांच अधिकारी ने सीएफएसएल फॉर्म मौके पर नहीं भरा और सील रिंग पुलिसकर्मी की सुपुर्दगी में रही जिससे छेड़छाड़ की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद रिकार्ड के अवलोकन में पाया कि गवाहों की गवाही में विरोधाभास है। पुलिसकर्मियों ने अलग-अलग बयान दिए। कुछ गवाहों ने कहा कि कार्यवाही मौके पर हुई जबकि अन्य ने कहा कि पुलिस पोस्ट पर हुई। वहीं, फॉरेंसिक विशेषज्ञ ने भी स्वीकार किया कि नमूने 16 से 18 नवंबर तक कहां रहे इसका रिकॉर्ड स्पष्ट नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने गंभीर खामियों के चलते आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।