- दिसंबर 2024 का मामला, एक आरोपी को पहले ही मिल चुकी है जमानत
कठुआ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पुलिसकर्मी के हत्या के प्रयास के दूसरे आरोपी को सशर्त जमानत दी है। आदेश के अनुसार आरोपी को जमानत के लिए 50 हजार का एक जमानतदार कोर्ट के समक्ष और समान राशि का व्यक्तिगत बांड जिला जेल अधीक्षक के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने आरोपी को निर्देश दिया है कि वह प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से परिचित किसी भी व्यक्ति को कोई धमकी, प्रलोभन और वादा से प्रभावित नहीं करेगा। इसके अलावा आरोपी को मामले में जांच अधिकारी द्वारा की जा रही जांच सहयोग करने के साथ-साथ हर वक्त आरोपी को अपने मोबाइल को चालू रखना होगा। अगर आरोपी किसी भी शर्त का उल्लंघन करता है तो न्यायालय उसकी जमानत को रद्द कर सकता है।
पुलिस की ओर से कोर्ट में दायर रिपोर्ट के मुताबिक दोनों आरोपी रोहित कुमार निवासी तारानगर और विक्की निवासी रामनगर कठुआ पर आरोप है कि उन्होंने गत वर्ष दिसंबर महीने में एक पुलिसकर्मी पर धारदार हथियार से घायल करने का अपराध किया है। इसके बाद कठुआ थाना में दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 109/121(1) और आर्म्स एक्ट की धारा 4/25 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की गई। मामले में पहले आरोपी को बीते वर्ष 21 दिसंबर को जमानत पर रिहा कर दिया था। वहीं, दूसरे आरोपी विक्की को पुलिस ने 11 अप्रैल 2025 को गिरफ्तार किया था। आरोपी के वकील ने कोर्ट में जमानत याचिका दायर कर आरोपी की रिहाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि उसका मुव्वकिल निर्दोष है और पुलिस ने उसे झूठे मामले में फंसाया है। वहीं, अभियोजन पक्ष ने आपत्तियां दर्ज कर जमानत का विरोध किया। उन्होंने कहा कि आवेदक विक्की को अगर जमानत पर रिहा किया जाता है, तो उसके फरार होने की संभावना है। वहीं, अपराध में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी अभी बाकी है। कोर्ट ने दोनों पक्षों तर्क सुनने के बाद कहा कि मामले में पहले आरोपी रोहित को पीड़ित को 14 दिसंबर 2024 को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद 21 दिसंबर 2024 को रिहा कर दिया गया है। क्योंकि दूसरा आरोपी गिरफ्तारी के बाद से ही न्यायिक हिरासत में है। ऐसे में आरोपी को सजा के तौर पर जमानत नहीं रोकी जा सकती, भले ही मामले में अभी तक वसूली नहीं हुई हो। कोर्ट ने कहा कि आरोपी व्यक्ति को और हिरासत में रखने से कोई उपयोगी उद्देश्य पूरा नहीं होगा। लिहाजा आरोपी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया गया। संवाद